dna analysis California wildfire Residents again face fire anguish | आग में दहका अमेरिका, भयानक लपटें सबकुछ तबाह करने पर आमादा

नई दिल्ली: ग्लोबल वॉर्मिंग यानी पृथ्वी के तापमान में हो रही वृद्धि का खतरा बढ़ता जा रहा है. अमेरिका में कैलिफोर्निया के जंगलों में भयानक आग लगी हुई है. पिछले लगभग एक महीने से जंगलों का बड़ा इलाका जल रहा है. आग की वजह से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. लगभग 15 हजार फायर फाइटर्स आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं. आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज की मदद भी ली जा रही है.

अब तक की सबसे भीषण आग
कैलिफोर्निया के जंगलों में इस बार लगी आग में अब तक 8 लाख 50 हजार एकड़ क्षेत्र तबाह हो चुका है. समुद्र के किनारे बसा होने की वजह से यहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बहती हैं. तेज हवाओं के कारण NAPA County (नापा काउंटी) का 2000 एकड़ और Shasta County (शास्ता काउंटी) का 7000 एकड़ क्षेत्र भी आग की चपेट में आ गया है. इस इलाके से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.

जानकार बताते हैं कि इस बार लगी आग अब तक की सबसे भीषण आग है. पिछले कुछ सालों से यहां के जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ी हैं. इसके पीछे बड़ा कारण पृथ्वी के तापमान में आ रही बढ़ोतरी को माना जाता है.

दरअसल, कैलिफोर्निया अमेरिका के बाकी इलाकों के मुकाबले ज्यादा गर्म रहता है. आंकड़ों के हिसाब से देखें तो…

– कैलिफोर्निया के जंगलों में आग की घटनाएं वर्ष 1972 के मुकाबले पांच गुना तक बढ़ चुकी हैं.

– रिकॉर्ड्स के मुताबिक यहां पहली बार वर्ष 1910 में आग लगी थी, लेकिन तब ये छोटे इलाके तक सीमित रही थी.

– कैलिफोर्निया के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके का औसत तापमान 2 डिग्री फारेनहाइट (Fahrenheit) तक बढ़ चुका है.

– जैसे-जैसे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है आग की घटनाएं भी ज्यादा भयानक रूप ले रही हैं.

स्थानीय प्रशासन आग से प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाल रहा है, और इसके अलावा वो लोगों को आग से जुड़ी पल-पल की जानकारी भी दे रहा है, ताकि समय रहते वो भी सुरक्षित जगहों की ओर निकल जाएं.

काबू पाना मुश्किल
आग की ये भयानक लपटें सबकुछ तबाह करने पर आमादा हैं. तेज हवाएं आग में घी डालने का काम कर रही हैं. कोशिशें भरपूर हो रही हैं लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल होता जा रहा है. आग बुझाने के लिए हैलीकॉप्टर और हवाई जहाज भी नाकाफी साबित होने लगे हैं. धुएं के गुबार ने पूरे इलाके की हवा को दूषित कर दिया है. जमीन पर धधकती आग है तो हवाओं में उससे उठता जहरीला धुआं. ये भयानक स्थिति इस इलाके के लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर रही हैं.

कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग भयानक होती जा रही है. पिछले 1 महीने से उसे बुझाने की कोशिश हो रही है लेकिन सब बेकार साबित हो रहा है.

सैन फ्रांसिस्को का आसमान का ऐसा रंग लोगों ने कभी नहीं देखा था. जंगलों में लगी आग से उठ रहा धुआं साढ़े 3 सौ किलोमीटर दूर सैन फ्रांसिस्को तक दिखाई दे रहा है. धुएं की एक मोटी परत पूरे इलाके में छाई हुई है, जिसके कारण सूरज की रौशनी ठीक से धरती तक नहीं आ पा रही है.

अब हर वर्ष की समस्या
अमेरिका के कैलिफोर्निया के जंगलों में आग अब हर वर्ष की समस्या बन चुकी है. गर्मी के मौसम में यहां जंगल दहक उठते हैं. इस मौसम में यहां पर पर तेज हवाएं बह रही होती हैं, ऐसे में आग बहुत तेजी से फैलती है और अक्सर आसपास के रिहाइशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लेती है.

– कैलिफोर्निया में इस वर्ष आग से 25 लाख एकड़ इलाके में जंगल जल चुका है.

– अब तक यहां कुल 28 जगहों पर आग लगने की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं.

– आग 24 किलोमीटर प्रतिदिन की रफ्तार से फैल रही है.

– आग के कारण कैलिफोर्निया का औसत तापमान बढ़ा है, इस साल यहां 20 साल की सबसे अधिक गर्मी पड़ रही है.

– जंगलों से दूर के इलाकों में भी इन दिनों दोपहर का तापमान 35 डिग्री से अधिक महसूस किया जा रहा है.

जंगलों की आग ने कैलिफोर्निया और औरेगन में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। यहां पर एक हजार से अधिक मकान आग से तबाह हो गए. आग के कारण 5 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं.

जंगलों की आग की बड़ी वजह
कैलिफोर्निया में जंगलों की आग की बड़ी वजह मौसम में आ रहे बदलाव को माना जा रहा है. पिछले कुछ दशकों में इस इलाके का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है. जिसका असर जंगलों में लग रही आग से दिख रहा है.

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और जंगलों में हर साल लग रही आग वहां का एक बड़ा चुनावी मुद्दा भी बन सकता है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और डेमोक्रेटिक पार्टी की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने भी जलवायु परिवर्तन और उसके इन भयानक नतीजों को लेकर चिंता जताई है.

कैलिफोर्निया में जंगलों की इस आग के कारण हर साल प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचता है. लेकिन इस साल ये त्रासदी ज्यादा बड़ी है. कोरोना वायरस के कारण पहले से ही आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं, ऊपर से इस आग ने उस संकट को और भी बढ़ा दिया है.

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