नई दिल्ली: अमेरिका (America) के नेता अक्सर अपना भाषण ‘God Bless America’ यानी ‘भगवान अमेरिका का भला करें’ कहकर समाप्त करते हैं. अभी तक अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे नहीं आए हैं. इसलिए अमेरिका की जनता को इन तीन शब्दों की बहुत ज्यादा जरूरत है. अब तक के नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीछे हैं और उनके प्रतिद्वंदी जो बाइडेन आगे चल रहे हैं. हालांकि इसके बावजूद इन दोनों नेताओं को अपनी अपनी जीत का पूरा भरोसा है. अमेरिका में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस राजनीति को देखकर ऐसा लगता है कि मानो अब भगवान भी चाहें तो वो अमेरिका का भला नहीं कर सकते.
इस समय तक डोनाल्ड ट्रंप को 214 इलेक्टोरल वोट (Electoral Vote) मिले हैं और डेमोक्रटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन को 264 इलेक्टोरल वोट (Electoral Vote) मिल चुके हैं. अभी 60 इलेक्टोरल वोटों का नतीजा आना बाकी है और बहुमत के लिए बाइडेन को सिर्फ 6 इलेक्टोरल वोटों की जरूरत है.
– अमेरिका में कुल 538 इलेक्टोरल वोट हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए दोनों उम्मीदवारों को कम से कम 270 इलेक्टोरल वोटों की जरूरत है.
– अमेरिका के 5 राज्यों में वोटों की गिनती चल रही है. ये राज्य हैं, नेवाडा, पेन्सिलवेनिया, नॉर्थ कैरोलिना, जॉर्जिया और अलास्का. इनमें 4 राज्य ऐसे हैं, जहां पर डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं. हालांकि कई राज्यों में जीत का अंतर 1 प्रतिशत से भी कम है. यानी ये राज्य किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में जा सकते हैं. राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए ट्रंप को इन सभी राज्यों के इलेक्टोरल वोट चाहिए.
– जो बाइडेन अमेरिका के नेवाडा राज्य में आगे चल रहे हैं. नेवाडा में 6 इलेक्टोरल वोट हैं. अगर बाइडेन सिर्फ इस राज्य के इलेक्टोरल वोटों को जीत गए तो वो अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं.
कई शहरों में विरोध प्रदर्शन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) और बाइडेन ( Joe Biden) दोनों को अपनी जीत का पूरा भरोसा है. हालांकि ऐसी बात करते समय बाइडेन ने ट्रंप के मुकाबले लोकतंत्र का सम्मान किया और हर एक इलेक्टोरल वोट गिनने का समर्थन किया. आज DNA में हम कर्तव्य की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि अमेरिका के कुछ नेताओं को अपने कर्तव्य की पूरी जानकारी नहीं है.
अब वहां के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन (Protest) हो रहे हैं. इनमें से कई जगहों पर लोग सीधे-सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोध कर रहे हैं और कुछ जगहों पर हर एक पोस्टल बैलट (Postal Ballot) को गिनने की मांग हो रही है, इसे भी आप ट्रंप का विरोध मान सकते हैं क्योंकि ट्रंप इसके खिलाफ हैं.
अमेरिका में चुनाव के ऐतिहासिक आंकड़े
ऐसा लग रहा है कि अमेरिका में चुनाव के नतीजे फंस गए हैं. इस दौरान वहां से कुछ ऐतिहासिक आंकड़े आए हैं.
– इस चुनाव में जो बाइडेन को 7 करोड़ से अधिक वोट मिले हैं और ये आज तक के इतिहास में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को मिले सबसे ज्यादा वोट हैं. 12 वर्ष पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा को 6.9 करोड़ वोट मिले थे और अब बाइडेन ने नया रिकॉर्ड बनाया है.
– डोनाल्ड ट्रंप को अब तक 6 करोड़ 86 लाख से ज्यादा वोट मिले हैं. उन्हें पिछले चुनावों के मुकाबले 40 लाख वोट अधिक मिले हैं. हालांकि बाइडेन के मुकाबले ट्रंप को लगभग 30 लाख वोट कम मिले हैं. अमेरिका में वोटों की गिनती हो रही है, इसलिए ये आंकड़े लगातार बदल रहे हैं.
– अमेरिका में करीब 67 प्रतिशत वोटर्स ने वोट डाले हैं. ये पिछले 120 वर्षों में वोटिंग का सबसे ज्यादा प्रतिशत है.
– अमेरिका में अब तक इस चुनाव से संबंधित लगभग 400 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और ये अब तक के सबसे अधिक मामले हैं.
चुनावी नतीजों के खिलाफ मुकदमा
अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है. अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति, अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र की परिभाषा दी थी, जिसे पूरा विश्व आज भी याद करता है.
अब्राहम लिंकन ने कहा था, ‘लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए किया गया शासन है.’
हालांकि आज अमेरिका में ऐसी हालत है कि जनता नहीं, वहां के जज ये तय करेंगे कि इस चुनाव में कौन जीतेगा.
– राष्ट्रपति ट्रंप अब तक तीन राज्यों में चुनावी नतीजों के खिलाफ मुकदमा कर चुके हैं. ट्रंप और बाइडेन के वकीलों की टीम तैयार है.
– अब अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के 9 जज मिलकर वहां के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का फैसला करेंगे. हालांकि इन 9 जजों में ज्यादातर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक हैं.
– ये पहला मौका नहीं है जब अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव का फैसला वहां की सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे.
– इससे पहले वर्ष 2000 में George W. Bush और Al Gore के बीच लगभग एक महीने तक अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चली थी. तब कोर्ट ने जॉर्ज बुश को विजयी घोषित किया और वो अमेरिका के 43वें राष्ट्रपति बने थे.
– वर्ष 1876 में भी Presidential Election के नतीजों का फैसला करने के लिए वहां की संसद ने वर्ष 1877 में 5 जजों का एक आयोग बनाया था. उस समय चुनाव के नतीजे आने में लगभग दो महीने की देरी हुई थी.
ट्रंप के लिए फ्लोरिडा से एक अच्छी खबर
ट्रंप के लिए एक अच्छी खबर फ्लोरिडा से आई है. वो फ्लोरिडा जीत चुके हैं और पिछले 100 वर्षों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के जिस उम्मीदवार को भी फ्लोरिडा में जीत मिली, वो अमेरिका का राष्ट्रपति बन गया. माना जाता है कि फ्लोरिडा के वोटर अमेरिका का राष्ट्रपति चुनते हैं और इस समय ट्रंप भी यही सोच रहे होंगे.

