नई दिल्लीः COVID-19 महामारी के चलते कई लोग अपने परिजनों से बिछड़ गए हैं तो तमाम कहीं दूर फंसे हुए हैं. इस कोरोना काल में न सिर्फ इनसान समस्याएं झेल रहे हैं बल्कि कई पालतू जानवर भी इस संकट का सामना कर रहे हैं. कहानी एक Wiener Dog की है जिसका नाम पिप्पस्क है. यह पालतू कुत्ता 10,000 मील दूर फंसा हुआ था और अपने मालिक से मिलने के लिए बेकरार था. लेकिन उसने हार नहीं मानी.
पिप्पस्क (Pipsqueak) अपने ऑस्ट्रेलियाई मालिक के साथ नाव में सवार होकर दुनिया भर की यात्रा कर रहा था. उस वक्त कोरोना वायरस तमाम देशों में तेजी से पैर पसार रहा था और तभी ऑस्ट्रेलिया ने अपने बॉर्डर बंद करने का फैसला कर लिया. इस बीच ऑस्ट्रेलिया का एलेबेक परिवार- जो और गाइ एलेबेक और उनके बेटे कैम और मैक्स ने 2 दिन में अपना सामान पैक किया और दक्षिण कैरोलिना में हिल्टन हेड द्वीप पर अपनी नौका (Yacht) को खड़ा कर अपने देश के लिए वापस उड़ान भरने का निर्णय लिया. हालांकि यह इस परिवार के लिए एक मुश्किल यात्रा थी क्योंकि इस सफर में वे अपने डॉगी पिप्पस्क (dachshund Pip) को साथ नहीं ले सके. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में पालतू जानवरों के फ्लाइट में आवागमन को लेकर सख्त नियम हैं.
मालिक ने दोस्त के घर छोड़ दिया था पिप
एलेबेक परिवार ने अपने डॉगी को दोस्त लिन विलियम्स के घर छोड़ दिया. उन्होंने पिप को यह बोलकर छोड़ा था कि वे कुछ दिन में वापस आकर उसे साथ ले जाएंगे. हालांकि उनकी उम्मीदें टूट गईं क्योंकि सारे ऑस्ट्रेलियाई बॉर्डर बंद हो चुके और कोरोना वायरस के कारण और भी तमाम तरह के नियम लागू हो चुके थे.
पिप को वापस लाने के लिए उसके परिवार ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पर काम करना शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें एक के बाद एक बाधाओं का सामना करना पड़ा. जो का कहना है, “अमेरिका से एक कुत्ते को इंपोर्ट करने के लिए, US द्वारा यह घोषणापत्र अनिवार्य होता है कि कुत्ते का स्वास्थ ठीक है और उसके सारे रेबीज के टेस्ट हुए हैं.”
पिप की वापसी में काम आई सोशल मीडिया की मुहिम
सारी कोशिशों के बाद पिप के मालिक जो ने सोशल मीडिया का रुख किया और अपने कुत्ते की वापसी को लेकर इंस्टाग्राम पर एक मैसेज पोस्ट किया. जो ने अपने सोशल अकाउंट पर अमेरिका में पूर्व से पश्चिमी तट तक उड़ान भरने वाले लोगों के लिए एक मैसेज लिखा. यह पोस्ट पढ़ने के बाद, डॉग रेस्क्यू फाउंडेशन द स्पार्की फाउंडेशन (The Sparky Foundation) के लिए काम करने वाली मेलिसा यंग ने पिप को उसके मालिक तक पहुंचाने में मदद करना शुरू किया.
मेलिंगा यंग ने ग्रीन्सबोरो से शार्लोट, नॉर्थ कैरोलिना और फिर शार्लोट से लॉस एंजेलिस के लिए पिप के साथ उड़ान भरी. वहां से पिप ने जेटपेट्स (Jetpets) होते हुए लॉस एंजिल्स से ऑकलैंड तक सोलो ट्रिप की. ऑकलैंड पहुंचने पर पिप को एक रात के लिए अलग कर दिया गया और अगले दिन मेलबर्न के लिए रवाना कर दिया गया, जहां उसे राज्य के नियमों के अनुसार 10 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिया गया था.
फिर संभव हुआ पिप और उसके परिवार का मिलन
पिप का परिवार उससे मिलने को बेकरार था कि फिर से एक समस्या आन पड़ी जब विक्टोरिया राज्य ने सख्त लॉकडाउन लगा दिया और विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच के सारे बॉर्डर बंद कर दिए गए. बाद में मेलबर्न में रहने वाले जो के भाई पिप को अपने घर लेकर गए. हालांकि पिप को लेकर सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट उसकी मदद के लिए कारगर सिद्ध हुआ. बाद में वर्जिन ऑस्ट्रेलिया एयरलाइन (Virgin Australia Airline) ने पिप के परिवार से संपर्क साधा और उसे लाने के लिए कहा. पिप के वापस आने को लेकर उसका परिवार बेहद खुश है.