वॉशिंगटन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी (Alexei Navalny) को रसायनिक जहर देने के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) का बयान आया है. उन्होंने कहा कि अभी नवलनी पर रसायनिक हमले का कोई सबूत मिला नहीं है, लेकिन अगर ऐसी बात सामने आएगी तो उन्हें बेहद गुस्सा आएगा.
नवलनी पर ट्रंप की जर्मनी से अलग प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि क्या हुआ. लेकिन जो कुछ भी हुआ, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और डराने वाला है. ऐसा नहीं होना चाहिए था.’ उन्होंने आगे कहा कि हमें नवलनी पर रसायनिक हमले से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले हैं. हालांकि मैं मामले पर नजर रखूंगा. जर्मनी (Germany) ने इस मामले में कहा था कि नवलनी को जहर दिया गया था और वो जहर रूसी लैब में बना रसायनिक हथियार नोविचोक था. हालांकि ट्रंप ने कहा कि जर्मनी के आरोपों में सच्चाई हो सकती है, लेकिन अभी हमें ऐसा कुछ नहीं मिला है. अगर ऐसा हुआ, तो मुझे बहुत गुस्सा आएगा.
यूरोपीय यूनियन ने दी थी प्रतिबंध लगाने की धमकी
इस पूरे मामले में यूरोपीय यूनियन (European Union) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रूस पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी. यूरोपीय यूनियन ने कहा था कि अगर रूस जांच में सहयोग नहीं करता है, तो यूरोपीय यूनियन रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाएगा. यूरोपीय यूनियन के फॉरेन पॉलिसी हेड जोसेफ बॉरेल ने कहा, ‘रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए, ये अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों के खिलाफ है. उन्होंने रूस से जांच में सहयोग करने को कहा. वहीं, जर्मनी ने साफ तौर पर कहा कि नवलनी पर नर्व एजेंट नोविचोक से हमला किया गया है.
रूस ने आरोपों को नकारा
रूस ने एलेक्सी नवलनी को जहर देने के आरोपों को खारिज किया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता डिमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘हमारे डॉक्टरों के मुताबिक नवलनी को कोई जहर नहीं दिया गया है. पहले दिन से ही इस बारे में गलत कहानियां गढ़ी जा रही हैं.’ पेस्कोव ने कहा कि हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है.