भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 2100 करोड़ की लागत से बनवाया जा रहा एकात्म धाम (Ekatm Dham) के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। अभी प्रतिमा का सिर को स्थापित करने का काम चल रहा है। पूरी मूर्ति का वजन करीब 100 टन होगा। अभी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 18 सितंबर को एकात्म धाम का लोकार्पण करेंगे, लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है क्योंकि 18 सितंबर से संसद का विशेष सत्र (Special Session of Parliament) शुरू होने जा रहा है। ऐसे में पूरी संभावना है लोकार्पण कार्यक्रम 10 दिन चल सकता है।

आपको बता दें कि खंडवा जिले के ओंकारेश्वर (Omkareshwer) में नर्मदा नदी (Narmada River) के तट के किनारे बनाया जा रहा है एकात्म धाम। एकात्म धाम में स्थापित की जा रही आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा की उंचाई 108 फीट है। एकात्म धाम अध्यात्म और पर्यटन का केंद्र होगा, जहां लाखों पर्यटक आएंगे। एकात्म धाम में अन्नपूर्णा भोजनालय भी होगा, जहां पर 500 लोगों के बैठकर खाने की व्यवस्था होगी। आचार्य शंकर प्रतिमा स्थल के अलावा यहां पर शंकर संग्रहालय और आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय संस्थान भी बनेगा।

शंकराचार्य का जन्म केरल के कालड़ी गांव में हुआ था। माता का नाम आर्याम्बा और पिता का नाम शिवगुरु है। करीब 8 साल की उम्र में वे गुरु की खोज में ओंकारेश्वर पहुंचे। यहां गोविंद भगवदपाद से गुरु दीक्षा ली। शंकराचार्य ने यहां तीन वर्ष तक शिक्षा ग्रहण की। शंकराचार्य ने नर्मदाष्टकम की रचना ओंकारेश्वर में ही की है।

गुरु के आदेश पर 11 वर्ष की आयु में वे अद्वैत वेदान्त दर्शन के प्रचार-प्रसार के लिए ओंकारेश्वर से प्रस्थान किया। अद्वैत लोक (शंकर संग्रहालय) लगभग 11.50 हेक्टेयर में बन रहा है। इसके बीच में 108 फीट ऊंची मूर्ति है, जो 12 साल के शंकराचार्य की है। मूर्ति 16 फीट के कमल पर स्थापित है और कमल 75 फीट के पैडस्टल पर है। मूर्ति को 290 पैनल से तैयार किया गया है। इसका वजन करीब 100 टन यानि एक लाख किलोग्राम है। इसे तांबा, जिंक और टिन के मिश्रण से बनाया गया है। मूर्ति के अंदर का ढांचा स्टेनलेस स्टील से तैयार किया गया है।




