वॉशिंगटन: चुनावों और भविष्यवाणियों का पुराना नाता रहा है, फिर चाहे वो भारत हो, अमेरिका हो या दुनिया का कोई और देश. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उलटी गिनती गिन रहे अमेरिका में भी इस समय भविष्यवाणियों का दौर चल रहा है. कई अमेरिकी चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सभी की निगाहें सिर्फ एक व्यक्ति पर टिकी हैं और वो हैं एलन लिचमैन (Allan Lichtman).
वैसे तो एलन लिचमैन पेशे से इतिहास के प्रोफेसर हैं लेकिन उनकी गिनती उन दुर्लभ विशेषज्ञों में होती है, जिन्होंने 1984 के बाद से अभी तक सभी अमेरिकी चुनावों की सही भविष्यवाणी की है. अब सबकी नजर वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी, पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन (Joe Biden) को लेकर की जाने वाली भविष्यवाणी पर है.
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एलन का ’13 Keys’ मॉडल
लिचमैन ने चुनावी भविष्यवाणियों के लिए ‘द कीज टू द व्हाइट हाउस’ नाम से एक सिस्टम डेवलप किया है, जो ’13 कीज’ मॉडल नाम से मशहूर है. लिचमैन ने 13 प्रश्नों या विषयों को लेकर इस मॉडल को तैयार किया है, जिनका वह सही/गलत के आधार पर उत्तर देते हैं और उसी से अगले राष्ट्रपति की भविष्यवाणी करते हैं. इस मॉडल के अनुसार, यदि ज्यादातर सवालों के जवाब ‘सही’ में आते हैं, तो मौजूदा राष्ट्रपति को ही व्हाइट हाउस में प्रवेश मिलता है वरना नया चेहरा दुनिया की इस महाशक्ति का प्रतिनिधित्व करता है.
ये हैं ’13 Keys’मॉडल के विषय
इस मॉडल के 13 विषय हैं – मिडटर्म गेन्स, नॉमिनेशन के दौरान कोई मुकाबला न होना, मौजूदा राष्ट्रपति का फिर से चुनाव में उतरना, चुनावी मैदान में तीसरे पक्ष का होना, मजबूत शॉर्ट टर्म इकोनॉमी, मजबूत लॉन्ग टर्म इकोनॉमी, नीतियों में बड़े बदलाव, स्कैंडल्स, विदेश/सैन्य असफलता, विदेशी/सैन्य सफलता, कोई सामाजिक अशांति, राष्ट्रपति का करिश्मा, चुनौती देने वाले प्रतिद्वंदी का करिश्मा.
US elections:2020 के विजेता
US elections 2020 के विजेता को लेकर लिचमैन ने भविष्यवाणी की है कि ‘1992 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब तत्कालीन राष्ट्रपति को अपनी कुर्सी गंवानी होगी. 1992 के चुनावों में बिल क्लिंटन, तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू बुश को हराकर कुर्सी पर बैठे थे. इस बार भी मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना सामान पैक कर व्हाइट हाउस छोड़ना होगा.’ लिचमैन के मुताबिक इस साल उन्हें अपने ’13 कीज ‘मॉडल में 7 सवालों के जबाव ‘नहीं’ में और 6 के जबाव ‘हां’ में मिले हैं.
ये बताए कारण
लिचमैन ने अमेरिकी चैनल सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘ट्रंप के चुनाव हारने का सबसे बड़ा कारण कोरोना वायरस को अच्छी तरह से हैंडल न करना है. वह अच्छी स्थिति में थे लेकिन जैसे ही अमेरिका में महामारी का प्रकोप हुआ, चीजें बदल गईं. इसके अलावा सामाजिक और नस्लीय न्याय का मुद्दा भी है.’
उन्होंने यह भी कहा कि यह ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के वर्तमान सदस्यों के दुर्लभ समय में से एक है जब अर्थव्यवस्था और संभावित जीत का मामला महज महीने भर में उलट गया. यही वह चीजें हैं, जो 3 नवंबर के चुनाव में उनके लिए पतन का कारण बनेंगी.
हालांकि, लोग 2020 के अमेरिकी चुनाव इस देश के इतिहास के सबसे अप्रत्याशित चुनावों में से एक कह रहे हैं. लिहाजा, इस बार हर कोई लिचमैन की भविष्यवाणियों पर दांव नहीं लगा रहा है. खैर, ये भी जल्द ही पता चल जाएगा कि लिचमैन की सच्ची भविष्यवाणियों का सफर 35 साल बाद भी जारी रहता है या नहीं.