Facebook takes down Trump ads for violating its policy against ‘organized hate’ | आखिरकार फेसबुक ने की कार्रवाई: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नफरत भरे विज्ञापन हटाए

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के विवादित पोस्ट को न हटाने को लेकर आलोचना झेलने वाली फेसबुक (Facebook) ने आखिरकार कार्रवाई की है. मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) की कंपनी ने डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी अभियान से जुड़े कुछ पोस्ट और विज्ञापनों को नीतियों के उल्लंघन के आरोप में हटा दिया है.  

नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं, डेमोक्रेटिक नेताओं के साथ ही कंपनी के अपने कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रपति के भड़काऊ और हिंसक पोस्ट को हटाने की मांग लगातार की जाती रही है. यही वजह है कि गुरुवार को फेसबुक ने ट्रंप के चुनावी अभियान से जुड़े विज्ञापन और पोस्ट को यह कहते हुए हटा दिया कि वो उसकी नफरत विरोधी नीति का उल्लंघन करते हैं. इन विज्ञापनों में नाजी द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले प्रतीक चिन्हों का उपयोग किया गया था. फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन (Andy Stone) ने इस विषय में कहा, ‘हमने संगठित घृणा के खिलाफ हमारी नीति के उल्लंघन के आरोप में इन पोस्ट और विज्ञापनों को हटाया है’.

कंपनी ने कहा कि विज्ञापन में कम्युनिस्ट जैसे विरोधियों को निशाना बनाने के लिए नाजियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक उल्टा लाल त्रिकोण शामिल था. इन विज्ञापनों में लिखा था, ‘वामपंथी समूहों की खतरनाक भीड़ गलियों में घूम रही है और कानून का उल्लंघन कर रही है. वह हमारे शहरों को उजाड़ रहे हैं, दंगे कर रहे हैं. यह पागलपन है. कृपया नाम जोड़कर राष्ट्रपति के प्रति एकजुटता दर्शायें और ANTIFA को आतंकवादी संगठन घोषित करने के उनके निर्णय का समर्थन करें’. ये विज्ञापन राष्ट्रपति ट्रंप और उप-राष्ट्रपति माइक पेंस के पेज और साइट पर पोस्ट किये गए थे और हटाने से पहले करीब 24 घंटे तक ऑनलाइन रहे. इस दौरान इन्हें सैकड़ों-हजारों बार देखा गया.

मालूम हो कि उल्टे लाल त्रिकोण का इस्तेमाल नाजियों द्वारा राजनीतिक बंदियों की पहचान के लिए किया जाता था. फेसबुक की इस कार्रवाई पर ट्रंप के चुनावी अभियान के प्रवक्ता टिम मुर्टो (Tim Murtaugh )ने कहा, ‘उल्टा लाल त्रिकोण एंटीफा द्वारा इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए इसे विज्ञापन में शामिल किया गया था. वैसे गौर करने वाली बात यह है कि फेसबुक अभी भी इस प्रतीक से मिलती-जुलती इमोजी उपयोग कर रहा है’. 

गौरतलब है कि अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद जब अमेरिका हिंसा की आग में जल उठा था तब भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ ऐसा पोस्ट किया था, जिसे लेकर बवाल खड़ा हो गया था. हालांकि, तब फेसबुक ने उनके किसी पोस्ट पर कार्रवाई नहीं की थी. उल्टा मार्क जुकरबर्ग अपने फैसले के समर्थन में दलीलें पेश कर रहे थे.  

 




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