किसान प्रदर्शन को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है.
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध (Farmer Protest) प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने बड़ा बयान दिया है. सीएम ने कहा कि सरकार को चाहिए कि सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों को बुलाकर उनसे बातचीत करे.
रायपुर. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध (Farmer Protest) प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों के प्रदर्शन को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने भी बड़ा बयान दिया है. सीएम बघेल का कहना है कि अन्नदाता पर इस तरह से कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है. जबसे ये कानून बना है तबसे किसानों के बीच लगातार एक भय का वातावरण है और साथ ही उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई पड़ता है. मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार को चाहिए कि सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों को बुलाकर उनसे बातचीत करे.
अन्नदाता पर इस तरह से कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है। जबसे ये कानून बना है तबसे किसानों के बीच लगातार एक भय का वातावरण है और साथ ही उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई पड़ता है। सरकार को चाहिए कि सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों को बुलाकर उनसे बातचीत करे:किसानों के आंदोलन पर छत्तीसगढ़ CM pic.twitter.com/OIOkrEUhta
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 26, 2020
ये भी पढ़ें: लव जिहाद के ड्राफ्ट पर कांग्रेस को एतराज, कहा- नया कानून नहीं बना सकती शिवराज सरकार
BJP एक अफवाह फैलाने वाली फैक्ट्री है। BJP के राज में तो 12लाख किसानों से धान की खरीदी होती थी और हमारे राज में 18-19लाख किसानों से खरीदी होती है। 1दिसंबर से धान खरीदी की तैयारी पूरी है:BJP प्रदेशाध्यक्ष का बयान कि पिछली बार टोकन लेने के बाद भी नहीं खरीदा गया था धान पर छत्तीसढ़ CM pic.twitter.com/ZOraIVuNhI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 26, 2020
धान खरीदी की मियाद तय
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर मियाद तय कर दी गई है. मुख्य सचिव आरपी मण्डलने सभी जिलों के कलेक्टर को आदेश जारी किए हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल (के निर्देशानुसार प्रदेश में किसानों द्वारा उत्पादित धान एक दिसम्बर 2020 से खरीदना है. इस वर्ष 90 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है, जिसकी लागत करीब 22,500 करोड़ होगी. इसके लिए कलेक्टर समस्त धान खरीदी केन्द्रों में समुचित तैयारी करें. ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े.
मुख्य सचिव ने कहा कि इस वर्ष नया जुट बारदानों की आपूर्ति की कमी हो रही है, जिसे देखते हुए पीडीएस का लगभग 1 लाख गठान बारदाना एवं राईस मिलर्स के माध्यम से लगभग 2 लाख गठान पुराने बारदानों को एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही 70 हजार गठान एचडीपीई/पीपी बारदानों की भी व्यवस्था की जा रही है. पीडीएस एवं कस्टम मिलर्स के माध्यम से एकत्रित किए जाने वाले बारदानों की जिलेवार समीक्षा की गई एवं सभी व्यवस्थाएं धान खरीदी के पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए गए.

