मध्यप्रदेश के गुना जिले से सरकारी स्कूल की गरिमा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर आरोप है कि वह शराब के नशे में दूसरे सरकारी स्कूल पहुंचा, बच्चों के सामने गाली-गलौज की और विरोध करने पर डंडे से हमला कर दिया। घटना के बाद पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी ।गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल के भीतर हुए विवाद ने शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक शिक्षक ने दूसरे शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने, गाली-गलौज करने और डंडे से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।एफआईआर के अनुसार फरियादी अरुण पुत्र नंदराम नामदेव, उम्र 50 वर्ष, निवासी न्यू सिटी कॉलोनी गुना, शासकीय प्राथमिक विद्यालय मजरा टांडा में पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे वह विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे थे। उसी दौरान पास के शासकीय प्राथमिक विद्यालय कटाऊ टांडा में पदस्थ शिक्षक नरेंद्र रघुवंशी कथित रूप से शराब के नशे में वहां पहुंचे।शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शिक्षक ने स्कूल पहुंचते ही अश्लील गालियां देना शुरू कर दीं। इसके बाद उन्होंने अरुण नामदेव को कक्षा से बाहर बुलाया और अपने साथ चलने के लिए कहा। जब उन्होंने इसका विरोध किया और साथ जाने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने कथित तौर पर डंडे से हमला कर दिया।बताया जा रहा है कि पूरी घटना स्कूल परिसर में हुई, जहां उस समय बच्चे भी मौजूद थे। बच्चों के सामने हुए इस विवाद और हंगामे से विद्यालय का माहौल प्रभावित हुआ और शिक्षकों के आचरण पर भी सवाल उठने लगे।घटना के बाद पीड़ित शिक्षक ने पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह मामला केवल दो शिक्षकों के बीच विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों में अनुशासन और बच्चों के सामने शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।सरकारी स्कूल वह स्थान होता है जहां बच्चे शिक्षा के साथ संस्कार भी सीखते हैं। ऐसे में यदि स्कूल परिसर में ही शिक्षकों के बीच मारपीट और अभद्रता जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
बाइट – अरुण नामदेव फरियादी शिक्षकवीडियो