मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष परीक्षाओं का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया गया है कि अब 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। यह परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेंगी।इन बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं में न सिर्फ शासकीय स्कूलों के छात्र शामिल होंगे, बल्कि निजी विद्यालयों और मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थी भी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार, परीक्षाओं के सफल और पारदर्शी आयोजन के लिए पूरे प्रदेश में कुल 12,920 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में करीब 25 लाख छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे, जिससे यह प्रदेश की सबसे बड़ी शैक्षणिक परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है। बोर्ड पैटर्न लागू होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर जांचने, मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों को परीक्षा संचालन, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की गई है कि वे छात्रों को मानसिक रूप से तैयार करें और परीक्षा को लेकर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बनाएं।बोर्ड पैटर्न परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्सुकता के साथ-साथ थोड़ी चिंता भी देखी जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग का दावा है कि यह व्यवस्था बच्चों के भविष्य को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।


