नई दिल्ली: संस्कृति के नाम पर पूर्वी एशियाई देश कंबोडिया (Cambodia) में लड़कियों के शॉर्ट स्कर्ट (Short Skirts) पहनने पर रोक लगने वाली है. इतना ही नहीं, लड़कों को भी शर्टलेस (shirtless) होने की इजाजत नहीं होगी.
कंबोडिया की संसद में महिला और पुरुषों के कपड़ों को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसका कई सांसदों ने समर्थन किया है. यदि यह प्रस्ताव संसद में पास हो जाता है, तो पुलिस को शॉर्ट स्कर्ट या पारदर्शी कपड़े पहनने वालीं लड़कियों और शर्टलेस होने वाले पुरुषों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा.
इस मसौदे का समर्थन करने वालों का कहना है कि समाज में बढ़ते यौन अपराधों के लिए इस तरह के कानून की सख्त जरूरत है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, यदि प्रस्ताव को संसद में पारित कर दिया जाता है, तो इसे अगले साल की शुरुआत में लागू किया जाएगा. इसके बाद पुलिस दोषियों पर जुर्माने की कार्रवाई कर सकेगी.
सरकार ने ड्राफ्ट का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे कंबोडिया की संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं इसके विरोध में भी आवाज उठ रही है. कंबोडियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स चैरिटी (Cambodian Centre for Human Rights charity) की कार्यकारी निदेशक चैक सोपे (Chak Sopheap) ने कहा, ‘हमने देखा है कि कंबोडियाई सरकार में शामिल कई लोगों ने महिलाओं के कपड़ों और उनकी बॉडी को लेकर विवादित बयान दिए हैं. उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के लिए उनके कपड़ों को जिम्मेदार ठहराया है. अब सरकार नया कानून बनाकर महिलाओं की मौलिक स्वतंत्रता को छीनना चाहती है’.
ड्राफ्टिंग प्रक्रिया की अगुवाई करने वाले आंतरिक मंत्रालय के सचिव ओक किमलेख ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए ऐसे कानून की आवश्यकता है. उन्होंने आगे कहा, ‘यह पूरी तरह से सार्वजनिक व्यवस्था का मामला नहीं है, यह परंपरा और रीति-रिवाज का मामला है’.
गौरतलब है कि इसी साल कंबोडिया में एक महिला को केवल इसलिए छह महीने की सजा सुनाई गई थी, क्योंकि उसने अधिकारियों की चेतावनी को नजरंदाज करते हुए फेसबुक लाइव स्ट्रीम के दौरान छोटे कपड़े पहने थे. महिला को समाज में अश्लीलता फैलाने का दोषी करार दिया गया था.

