Former Jammu and Kashmir CM Farooq Abdullah arrives in Delhi, will participate in the monsoon session of Parliament – दिल्ली पहुंचे जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, संसद के मॉनसून सत्र में लेंगे भाग

दिल्ली पहुंचे जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, संसद के मॉनसून सत्र में लेंगे भाग

नई दिल्ली:

लोकसभा सांसद और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सोमवार से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए रविवार को यहां पहुंचे. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने के बाद उनकी राष्ट्रीय राजधानी की यह पहली यात्रा है. नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष पिछले दो सत्रों के दौरान हिरासत में थे. पिछले वर्ष पांच अगस्त को जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को संसद में रखा गया था और 82 वर्षीय नेता को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था. 

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पार्टी नेताओं ने बताया कि कश्मीर घाटी के नेता अब्दुल्ला इस सत्र के दौरान जम्मू और कश्मीर मुद्दे को उठाने के इच्छुक हैं. सोमवार से शुरू होने वाला मानसून सत्र 18 दिन यानि एक अक्टूबर तक चलेगा.

दुश्मनी भूल एकजुट हुए जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल

आपको बता दें कि कश्मीर में राजनीतिक दलों ने 22 अगस्त को सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि वे जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त 2019 से पहले की तरह विशेष दर्जे की बहाली के लिए संघर्ष करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाया गया कदम ‘‘द्वेष से पूर्ण अदूरदर्शी” तथा ‘‘पूरी तरह असंवैधानक” था. विभिन्न दलों ने कहा कि वे ‘गुपकर घोषणा’ से बंधे हुए हैं, जो चार अगस्त 2019 को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के गुपकर आवास पर सर्वदलीय बैठक के बाद घोषित की गई थी.

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चार अगस्त 2019 की बैठक के बाद प्रस्ताव में कहा गया था कि दल सर्वसम्मति से घोषणा करते हैं कि जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और विशेष दर्जे की रक्षा के लिए वे एकजुट रहेंगे. इसके एक दिन बाद पांच अगस्त को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी.

गुपकर घोषणा’ में कहा गया था, ‘‘अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370 में संशोधन या इन्हें खत्म करना, असंवैधानिक सीमांकन या राज्य का बंटवारा जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के लोगों के खिलाफ आक्रामकता होगा.” दलों ने करीब एक वर्ष से अधिक समय के बाद शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे पिछले वर्ष की घोषणा का पालन करेंगे.

लोकसभा सत्र में जरूर शामिल होऊंगा: फारूक अब्दुल्ला

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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