नई दिल्ली। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर उठे विवाद पर पहली बार सार्वजनिक रूप से चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के बयान को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी आत्मकथा अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही पुस्तक की कोई अधिकृत प्रति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
जनरल नरवणे ने कहा कि पुस्तक से जुड़े कुछ अंशों को लेकर जो बातें सामने आई हैं, वे अधिकृत प्रकाशन का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भी 24 घंटे के भीतर दो बार स्पष्टीकरण जारी कर यह साफ किया कि किताब को लेकर फैलाई जा रही जानकारी भ्रामक है।इस बयान के बाद पुस्तक विवाद पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती नजर आ रही है।


