Girl who was forced to dye her hair wins compensation in Japan | Japan: जिस भूरे बालों वाली Student पर School ने लगाया था बैन, अब अदालत ने उसके पक्ष में सुनाया फैसला

टोक्यो: जापान (Japan) की एक अदालत ने छात्रा (Student) को बाल काले करने के लिए मजबूर करने वाले स्कूल को कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. स्कूल प्रशासन (School Administration) ने भूरे बालों वाली लड़की को सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि यदि उसने बाल काले नहीं कराए तो स्कूल आने की कोई जरूरत नहीं है. स्कूल द्वारा बार-बार तंग किए जाने के बाद छात्रा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.  

Student ने दी थी ये दलील

यह मामला ओसाका के हैबीकिनो प्रांत का है. यहां कैफुकन प्रांतीय हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा के भूरे बालों पर स्कूल प्रशासन को आपत्ति थी. लड़की का कहना था कि उसके बाल प्राकृतिक रूप से भूरे (Brown Hair) थे, लेकिन स्कूल का मानना था कि उसने बालों को भूरा करवाया है जो स्कूल के नियमों के सख्त खिलाफ है. इसी को लेकर स्कूल ने छात्रा को तरह-तरह से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था.

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School ने किया था प्रताड़ित

पीड़िता को स्कूल ट्रिप पर नहीं ले जाया गया. इतना ही नहीं क्लास से उसकी सीट भी हटा दी गई, क्लास लिस्ट से उसका नाम भी मिटा दिया गया. स्कूल प्रशासन ने छात्रा को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जब तक वह अपने बालों को काला नहीं करती उसे स्कूल आने की कोई जरूरत नहीं है. इसके बाद छात्र ने परेशान होकर 2017 में अदालत का दरवाजा खटखटाया. 

4 साल बाद आया Decision

आज जब चार साल बाद कोर्ट का फैसला आया है, तो लड़की के उम्र 21 साल की हो गई है. अदालत ने स्कूल को आदेश दिया है कि पीड़िता को बतौर हर्जाना 3,30,000 येन (करीब 2.27 लाख रु.) का भुगतान किया जाए. कोर्ट ने कहा कि भले ही स्कूल के नियम सही है, लेकिन इससे एक स्टूडेंट को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा, उसकी शिक्षा प्रभावित हुई. अपने बचाव में स्कूल प्रशासन ने कहा कि बच्ची के बालों की जांच में उसकी जड़ों को काला पाया था, जिससे पता चलता है कि उसने अपने बालों को कलर करवाया था. लेकिन अदालत ने स्कूल की दलीलों को मानने से इनकार कर दिया.

Japan में सख्त हैं नियम

जापान के स्कूलों में नियम काफी सख्त हैं. यहां बालों पर कलर कराना, उन पर ब्लीच का इस्तेमाल करना मना है. स्कूलों का तर्क है कि ऐसे नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि बच्चे केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें. कैफुकन प्रांतीय हाई स्कूल ने अदालत को बताया कि उप-प्राचार्य ने ‘सर्वेइंग सेशन’ में स्टूडेंट के बालों की जड़ों की जानकारी ली थी, इसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया कि लड़की ने फैशन के चलते अपने बालों को भूरा किया है. इस अपर कोर्ट ने कहा कि नियमों का पालन सभी को करना चाहिए, लेकिन जो हुआ वह सही नहीं था. 

 




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