5 बाबाओं के भरोसे सरकार, क्या इनके बूते मध्य प्रदेश में बनेगी नई सरकार

Baba Politics in Madhya Pradesh Election
Baba Politics in Madhya Pradesh Election

मध्य प्रदेश की राजनीति में नेताओं पर भारी हैं कथावाचक, धर्मगुरु और पर्चा निकाल भूत-भविष्य बताने वाले बाबा

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कथावाचक धर्म गुरु और भविष्यवक्ता बाबाओं की धूम मची हुई है। तमाम राजनेता क्षेत्र में उनकी कथा और कार्यक्रम करा रहे हैं और मतदाताओं को लुभाने का जतन कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह बाबा ही उनके विधानसभा में प्रवेश का द्वार खोल सकते हैं। जीत ही नहीं सत्ता की चाबी उनके हाथ में बाबा थमा सकते हैं। इसीलिए इस बार के चुनाव में बाबाओं की  महत्वपूर्ण भूमिका है। चाहे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri Baeshwar Dham) हों या सीहोर के कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra Sehore Vale)। सभी की लोकप्रियता को चुनाव के दावेदार भुनाने में लगे हैं। इन दोनों कथा वाचकों के साथ ही कम्प्यूटर बाबा (Computer Baba) , मिर्ची बाबा (Mirchi Baba) और पण्डोखर धाम (Pandhokar Sarkar) के गुरु शरण शर्मा ये सब भी समय समय पर अपने बयानों से प्रदेश की राजनीति में तड़का लगाते रहते हैं। हालांकि ये तीनों पिछले चुनाव में भी सक्रिय थे इस बार फिर सक्रिय हैं। आगे आने वाले समय में इनका रोल दिखाई देगा।

सबसे ज्यादा डिमांड में हैं बागेश्वर धाम सरकार

Bageshwar Dham Dhirendra Krishna Shastri

छतरपुर के बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जलवा अबकी बार सब बाबाओं पर भारी है। धीरेंद्र शास्त्री की कथा और दिव्य दरबार की इतनी डिमांड है कि अब वे 7 दिन के बजाय दो या तीन दिन की कथा भक्तों को दे रहे हैं।विधानसभा चुनाव के दावेदार अपनी – अपनी विधानसभा में वोटरों को साधने के लिए बाबा की कथा का सहारा ले रहे हैं। बाबा हनुमंत कथा सुनाते हैं। जिससे सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे दावेदार को अच्छा प्रचार मिल जाता है। हालांकि बाबा की कथा करवाने में अच्छा खासा खर्चा होता है। उनके प्रवचन ही नहीं सनातन धर्म के प्रति उनके कट्टर वचन खासे चर्चा में रहते हैं। बाबा घर वापसी यानी अन्य धर्म के लोगों को हिंदू बनाने का काम भी करते हैं।

रुद्राक्ष बांट कर प्रसिद्ध हुए पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले
Pandit Pradeep Mishra Sehore Vale

शिव कथा सुनाने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के भी प्रदेश और देश दुनिया में अन्न भक्त हैं। इसका लाभ  विधानसभा चुनाव लड़ने के दावेदार लेना चाहते हैं। ऐसे में वे पंडित जी की कथा अपनी विधानसभा में करवा रहे हैं। कई नेता कथा करवा चुके हैं और कई नेता कतार में हैं। मिश्रा को सुनने लोग दूर दूर से पहुंचते हैं। प्रदीप मिश्रा अभिमंत्रित रुद्राक्ष बांटने और भोले की भक्ति से धन प्राप्ति के सरल उपाय बताने के लिए जाने जाते हैं।

 कमल नाथ सरकार में कंप्यूटर बाबा का रहा है जलवा
Computer Baba

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कंप्यूटर बाबा एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले कंप्यूटर बाबा पूरे प्रदेश में गऊ रक्षा यात्रा निकालने जा रहे हैं। इसके पहले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में भी बाबा पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय थे। बाबा की गाय बचाओ यात्रा चित्रकूट से 26 सितंबर को शुरू होगी। 10 अक्टूबर को महाकाल की नगरी में उज्जैन में यात्रा का समापन होगा। यात्रा लगभग 40 जिलों से होते हुए गुजरेगी। आपको बता दें भाजपा सरकार में बाबा के आश्रम पर बुल्डोजर चला था। इससे पहले कमलनाथ सरकार में कम्प्यूटर बाबा मंत्री दर्जा का सुख भोग चुके हैं।

पंडोखर सरकार गुरुशरण शर्मा पर्ची खोलती है पोल

पंडोखर धाम पीठाधीश्वर पंडित गुरुशरण शर्मा को राजनीति पसंद हैं। पिछले चुनाव में भी शर्मा ने मोर्चा खोला था। वे पंचायती राज व्यवस्था का चुनाव भी लड़ चुके हैं। चुनाव करीब आते ही पंडोखर सरकार नए बयान के साथ चर्चाओं में हैं। पडोखर सरकार ने पर्चे पर लिखकर लोगों का भविष्य बताने वाले बाबाओं को चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी बाबा किसी भी व्यक्ति के विषय में सटीक जानकारी देगा उसे चांदी का मुकुट और 11 लाख का इनाम दिया जाएगा। बता दें कि बागेश्वर धाम सरकार भी पर्चा निकाल कर ही लोगों का भविष्य बताते हैं।

दिग्विजय के लिए मिर्ची हवन करने वाले मिर्ची बाबा छूटे हैं जेल से
Swami Vairagyanand Urf Mirchi Baba

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की जीत के लिए मिर्ची हवन करने वाले मिर्ची बाबा भी जेल से बाहर आते ही मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो गए है। उन्होंने मध्यप्रदेश से शिवराज सिंह चौहान सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प महाकाल मंदिर में जाकर लिया है। विधानसभा चुनाव में कमलनाथ और कांग्रेस मिर्ची बाबा  का कैसा उपयोग करेंगे यह अभी उजागर नहीं हुआ है, लेकिन बाबा तैयार हैं और अपनी भूमिका सजा रहे हैं। बाबा ने कुछ दिन पहले ही भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने धरना दिया था। इस मौके पर मिर्ची बाबा ने अपना मुंडन भी कराया था । बता दें मिर्ची बाबा दुष्कर्म के मामले में बरी होकर जेल से बाहर आए हैं। 

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