वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Election) में मनमाफिक परिणाम नहीं मिलने से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) बेहद नाराज हैं और यह नाराजगी उनके ट्वीट में भी झलक रही है. वह लगातार चुनावों में गड़बड़ी का हवाला देते हुए वोटों की गिनती पर रोक की मांग कर रहे हैं. उनके ऐसे ही एक ट्वीट पर पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) ने चुटकी ली है.
शांत हो जाओ ट्रंप
ग्रेटा ने डोनाल्ड ट्रंप पर कटाक्ष करने के लिए बिल्कुल वैसे ही शब्दों का चुनाव किया है, जैसे ट्रंप ने कुछ समय पहले उनके खिलाफ इस्तेमाल किये थे. पर्यावरण एक्टिविस्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के मतगणना रोकने संबंधी ट्वीट के जवाब में लिखा है, ‘बेहद हास्यास्पद. डोनाल्ड ट्रंप को अपने गुस्से के प्रबंधन पर काम करना चाहिए, इसके बाद उन्हें अपने एक दोस्त के साथ अच्छी पुरानी फिल्म देखनी चाहिए. शांत हो जाओ ट्रंप, शांत.’
So ridiculous. Donald must work on his Anger Management problem, then go to a good old fashioned movie with a friend! Chill Donald, Chill! https://t.co/4RNVBqRYBA
— Greta Thunberg (@GretaThunberg) November 5, 2020
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तब ट्रंप ने कहा था…
इससे पहले जब ग्रेटा थनबर्ग को टाइम का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुना गया था, तब डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके खिलाफ ट्वीट किया था. राष्ट्रपति ने ग्रेटा को अपने गुस्से को काबू करने की नसीहत देते हुए लिखा था, ‘बेहद हास्यास्पद. ग्रेटा को अपने गुस्से के प्रबंधन की समस्या पर काम करना चाहिए, इसके बाद उन्हें अपने एक दोस्त के साथ अच्छी पुरानी फिल्म देखनी चाहिए. शांत हो जाओ ग्रेटा, शांत.’ अब ग्रेटा ने उन्हें उनकी ही भाषा में जवाब देकर हिसाब बराबर कर दिया है.
So ridiculous. Greta must work on her Anger Management problem, then go to a good old fashioned movie with a friend! Chill Greta, Chill! https://t.co/M8ZtS8okzE
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) December 12, 2019
लोगों ने लगाई लताड़
16 वर्षीय पर्यावरण एक्टिविस्ट का यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि, अधिकांश लोग इसके लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल अनुचित है और खासकर बच्चों को इससे दूर रहना चाहिए. डेबी कार्लटन नामक यूजर ने तो ग्रेटा को तमीज सीखने की नसीहत दे डाली है. वहीं, एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा है, ‘किसी भी स्थिति में यह स्वीकार्य नहीं है कि कोई टीनेजर हमारे राष्ट्रपति को उनके नाम से पुकारे’.


