दतिया के सेवढा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुरुआती आकलन में करीब 25 गांवों में फसलों को लगभग 100 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा असर गेहू की तैयार खड़ी फसल पर पड़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ना तय है।
नुकसान के आकलन के लिए सर्वे दल गठित कर दिए गए है। टीमे मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। आज भी दिनभर बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, रात में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के अनुसार जिन क्षेत्रों से ओलावृष्टि हुई है, वहा दाने अड़ने की स्थिति बन गई है। तेज हवा और पानी के कारण फसल जमीन पर लेट गई है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। लगातार नमी और धूप की कमी के कारण गेह के दाने कमजोर पडेंगे और उनकी चमक खत्म हो जाएगी।
इसका सीधा असर मंडियों में मिलने वाले भाव पर पड़ेगा। अनुमान है कि गेहूं के दाम में करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ सकती है।सेवढा के यह गांव हुए प्रभावित जोरी, रामपुरा, नहला, दाबनी, सिरसा, अटरा, बड़ोखरी, मलियापुरा, खजापुरा, बस्तुरी, चीना, दिगुवा, देभई, मंगरोल, कसेरुआ, रुहेरा, किटाना, बघावली, थरेट, भगुवापुरा, डिरोलीपार, ग्यारा एवं सेवढा से लगे इलाके शामिल है। वहीं भाण्डेर तहसील के ग्राम बेंदा, ग्राम पंचायत कुलरिया में भारी ओलावृष्टि हुई।


