
उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में 20 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप और हत्या के मामले में पूरे देश में गुस्सा है. पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कई जगहों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं. प्रशासन द्वारा पीड़िता का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कराये जाने की भी आलोचना की जा रही है. विपक्षी दल राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला कर रहे हैं. इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शनिवार दोपहर एक बार फिर हाथरस जाने की कोशिश करेंगे. वह पीड़िता के परिवार से मुलाकात की कोशिश करेंगे. हालांकि, यूपी पुलिस ने इसे देखते इंतजाम सख्त कर दिए हैं. पीड़िता के परिवार से मिलने की यह उनकी दूसरी कोशिश है. शुक्रवार को TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस पहुंचे थे. इस दौरान पुलिस ने रोक लिया था और ब्रायन के साथ धक्का मुक्की की भी खबरें आई थीं. गुरुवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी हाथरस में पीड़ित परिवार से मुलाकात की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हाथरस सदर SDM प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि हाथरस कांड के पीड़ितों के गांव में सिर्फ मीडियो को प्रवेश की अनुमति है, प्रतिनिधिमंडल को जाने की अनुमति नहीं है. जब प्रतिनिधिमंडल से संबंधित आदेश आएगा तो इसके बारे में बता दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों के फोन लिए जाने या उन्हें घर में कैद करने के आरोप बिल्कुल निराधार हैं.
Only media is allowed right now. When orders come in to allow delegations, we will let everybody know. All allegations about phones of the family members being taken away or confining them in their homes are absolutely baseless: Hathras Sadar SDM Prem Prakash Meena https://t.co/LE1mi6eZm8
– ANI UP (@ANINewsUP) October 3, 2020
राहुल गांधी के पीड़िता के गांव आने पर फिलहाल रोक : अधिकारी
एनडीटीवी के संवाददाता के मुताबिक, हाथरस सदर के एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि राहुल गांधी को गांव आने इजाजत नहीं है, किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता के आने पर फिलहाल रोक है.
राहुल गांधी आज जाएंगे हाथरस
एनडीटीवी के संवादादाता के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल हाथरस में पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने की कोशिश करेगा. साथ ही पीड़ित परिवार की शिकायत सुनेगा और उन्हें दिलाने की मांग करेगा.

