Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

जिन लोगों के घर में आज भी तीनों समय का खाना सरसों के तेल में बनाया जाता उनके घर में लोग रिफाइंड और दूसरे तेल खानेवाले लोगों की तुलना में कम बीमार पड़ते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि आपके डायटीशियंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है। आखिर इसकी क्या वजह है, इस विषय में यहां जानते हैं…
नहीं पनपने देता वायरस और बैक्टीरिया
-आमतौर पर हमारे समाज में जो सबसे अधिक बीमारियां घेरती हैं वे बैक्टीरिया, फंगस और वायरल के कारण होती हैं। लेकिन सरसों का तेल हमारे शरीर को इतना पुष्ट कर देता है कि इन पैथोजन्स का असर हमारे शरीर पर होने ही नहीं देता।
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-सरसों के तेल में बना खाना खाने से हमारा गला और श्वसनतंत्र मजबूत रहता है। यहां किसी भी तरह का बैक्टीरिया यदि पहुंच भी जाता है तो सरसों के तेल के सेवन से जल्द ही मर जाता है या उतनी तेजी से बढ़ नहीं पाता, जैसे वह बढ़ सकता था। क्योंकि सरसों का तेल ऐंटिफंगल, ऐंटिबैक्टीरियल और ऐंटिइंफ्लामेट्री गुणों से भरपूर होता है।
सरसों के तेल में बना खाना खाने के फायदे
-यह एक बड़ी वजह है कि जो लोग सरसों तेल में बना खाना खाते हैं, उन्हें कफ, कोल्ड, सीने में दर्द, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं अन्य लोगों की तुलना में बहुत ही कम होती हैं।
दिल के लिए भी है फायदेमंद
-जिस तरह सिंथेटिक घी या रिफाइंड्स हमारे शरीर में जाकर नसों में एक्सट्रा फैट के रूप में इकट्ठा होकर आर्ट्रीज़ को ब्लॉक करने की वजह बनते हैं, सरसों तेल इस तरह की किसी समस्या को शरीर में पनपने से रोकता है।
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-सरसों तेल पूरी तरह नैचरल और शुद्ध हो तो हमारा शरीर इस तेल को आसानी से पचा लेता है। यह तेल हमारे गट बैक्टीरिया को लाभ पहुंचाता है और पाचनतंत्र की मरम्मत का करने का काम करता है।
दिल के लिए फायदेमंद है सरसों का तेल
कब्ज की समस्या में भी लाभदायक
-सरसों के तेल में बना खाना पचाने में हमारे शरीर को उस तरह की एनर्जी नहीं लगानी पड़ती जैसी रिफाइंड्स या सिथेंटिक घी को डायजेस्ट करने में लगानी पड़ती है। यह भोजन शरीर में अन्य तेलों में बने भोजन के मुकाबले जल्दी पचता है और आसानी से पचता है। यही कारण है कि जो लोग इस भोजन का सेवन करते हैं, उन्हें मोशन स्मूद होते हैं।
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-जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है या अक्सर पेट गड़बड़ रहता है, उन्हें सरसों तेल में ही बना हुआ भोजन खाना चाहिए। सरसों का तेल बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है। जो लोग नियमित रूप से इस तेल में बना भोजन करते हैं, उन्हें पेट निकलने की समस्या सामान्यतौर पर नहीं होती है।
डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक
– यूं तो सरसों का तेल तासीर में गर्म होता है और सभी तरह के फंगस और बैक्टीरिया को मार देता है। लेकिन विटमिन-ई से भरपूर होने के कारण यह तेल हमारी त्वचा को मुलायम बनाए रखने का काम करता है।
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-सरसों तेल में बना खाना खाने से हमारी त्वचा की अंदरूनी कोशिकाओं को पोषण मिलता है और त्वचा में नमी बनी रहती है। इससे त्वचा में चमक तो रहती है साथ ही स्किन ड्राई नहीं होती है। इसलिए आप किसी भी मौसम में सरसों के तेल में बना खाना खा सकते हैं।
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