उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारी के तहत शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान में गोपाल मंदिर स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद का मामला गरमा गया है। प्रशासन द्वारा इस मस्जिद को चौड़ीकरण की जद में बताकर नोटिस दिए जाने के बाद मुस्लिम समाज ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। अब इस पूरे मामले पर सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई होगी, जिसके बाद तय होगा कि शाही मस्जिद टूटेगी या बचेगी।
बताया जा रहा है कि मुस्लिम समाज ने चौड़ीकरण के खिलाफ पहले इंदौर हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका लगाई थी, जिसे करीब 17 दिन पहले कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब इस फैसले को चुनौती देते हुए समाज ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की है। सोमवार को होने वाली सुनवाई पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है।
अफवाह के बाद इकट्ठे हुए लोगयाद रहे कि शनिवार रात अचानक यह अफवाह फैल गई कि प्रशासन गोपाल मंदिर वाली शाही मस्जिद को तोड़ने जा रहा है। अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में विशेष समुदाय के लोग शाही मस्जिद के बाहर जमा हो गए और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आज रविवार को भी दिनभर मस्जिद के आसपास भीड़ जुटी रही।
शहर में 600 जवानों का फ्लैग मार्चतनाव की आशंका को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने रविवार को शहर में बड़ा फ्लैग मार्च निकाला। महाकाल, कोतवाली, खाराकुआ और जीवाजीगंज के संवेदनशील इलाकों में जिला पुलिस, RAF और STF के 600 से ज्यादा जवानों ने पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार्मिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।