छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर में एक होम्योपैथिक दवाई (Homeopathic Medicine) खाने से
एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत की खबर है. वहीं दवा के सेवन से इसी परिवार के चार और लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. बिलासपुर के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने इस बाबत बताया कि इन सभी लोगों ने होम्योपैथिक दवाई ली थी जिसके बाद आठ लोगों की मौत हो गई और चार लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. जिस दवा का सेवन किया गया, उसका नाम ड्रोसेरा 30 (Drosera 30) बताया जा रहा है. इस दवा के संबंध में हमने प्रैक्टिसरत होम्योपैथिक डॉक्टरों से बात की. होम्योपैथिक डॉक्टर साक्षी सुमरानी का कहना है कि कोई भी होम्योपैथी मेडिसिन जिसकी पावर 30 या 200 हो, वह इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से सेफ होती है. अगर इसकी बहुत ज्यादा मात्रा ले ली जाए और साथ ही, दवा लेने वाले की इम्यूनिटी बहुत कम हो या कोई और बीमारी शरीर में पहले से हो तो हो सकता है कि शरीर इसे ‘स्वीकार’ ही न करे और मल या खांसी कफ के जरिए इसे बाहर निकाल दे. लेकिन यह मानना कि इसके कारण किसी की मौत हो सकती है, ऐसा कोई मामला कभी देखा नहीं गया और यह दवा जानलेवा नहीं हो सकती.
ये भी पढ़ें – जानें क्या होता है CT Scan? जानें इससे जुड़े फायदे और नुकसान वहीं सीनियर होम्योपैथिक डॉक्टर राजीव सोलंकी ने बताया कि यह दवा बच्चों के वूपिंग कफ और कुछ अन्य प्रकार की खांसी में इस्तेमाल की जाती है और इसका सही तरीके से सेवन करने पर मृत्यु होने की कोई आशंका लगती नहीं है. उन्होंने बताया कि इस दवा को डॉक्टर काफी डाइलूट करके देते हैं और ऐसे में इसके सेवन से कोई साइड अफेक्ट होगा, ऐसा कहना काफी मुश्किल होगा.
ये भी पढ़ें – फेफड़ों को मजबूती देगा इन 5 चीजों से बना ये आयुर्वेदिक लेप वहीं सीएमओ का कहना है कि जो दवा ली गई, उसमें अल्कोहल की मात्रा काफी ज्यादा थी. वैसे स्वास्थ्य विभाग की टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है और पुख्ता तौर पर मौत का सही कारण जांच के बाद ही पता चल सकेगा. इस पूरे मामले पर सीएमओ ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि इस परिवार ने होम्योपैथिक दवाई ड्रोसेरा 30 ली थी. इसको लेना काफी खतरनाक हो जाता है और कई मामलों में ये लेने वालों के लिए जहर का काम भी करती है.