कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण करते रायपुर महापौर एजाज ढेबर.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर (Raipur) में कोरोना (Corona) संक्रमितों के लिए तैयार किया गया 300 ऑक्सीजन बेड का अस्थायी अस्पताल गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बिल्कुल भी नहीं है.
लेकिन परिजन बल पूर्वक स्टेडियम में घूसकर इलाज के लिए वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव डालते रहे और इस दौरान उन मरीजों की मौत भी हो गयी. महापौर ने बताया कि यहां केवल ऐसे ही मरीजों का इलाज हो सकता है जिनका ऑक्सीजन लेवल 85 से ज्यादा हो और उन्हे ऑक्सीजन की जरूरत हो तब उन मरीजों के लिए इलाज सुविधाएं यहां उपलब्ध हो सकेगी. जबकि जिन्हे वेंटिलेटर की जरूरत है उन्हे अस्पतालों की ओर रूख करना होगा. वहीं अब इस अस्पताल में जिला प्रशासन द्वारा मरीज की पूरी जानकारी लेकर ही एडमिट कराया जा रहा है.
अस्पतालों में कम पड़ रहे बेड
आपको बता दें कि लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए बेड कम पड़ रहे थे. इसलिए रायपुर के बलबीर सिंह जूनेजा स्टेडियम में 300 बिस्तर का अस्थाई अस्पताल बनाया गया है. हांलाकि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधा यहां नहीं है, लेकिन ऐसे मरीज जिनको ऑक्सीजन की जरूरत हो उनका इलाज इस अस्थाई अस्पताल में हो सकता है, लेकिन फिर भी यहां डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की भी कमी है. इसे लेकर महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि नगर निगम का काम केवल अस्पताल तैयार करना है जो हमने कर दिया. जबकि इसके सही संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ विभाग की है, महापौर का कहना है कि वे व्यक्तिगत रूप से अस्पताल के लिए डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

