सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को बेंगलुरु में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) के 2025 बैच के छात्रों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने छात्रों से कहा कि न्याय को उन समुदायों की ओर ले जाना चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
जस्टिस सूर्यकांत ने छात्रों से यह भी आग्रह किया कि वे कानून को सिर्फ एक पेशा न मानें, बल्कि इसे ‘समाज में बदलाव के साधन’ के रूप में इस्तेमाल करें। उनका यह संदेश कानूनी शिक्षा और पेशे में सामाजिक ज़िम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देता है, ताकि न्याय व्यवस्था हर वर्ग तक पहुँच सके।