In the Prime Ministers address, the laborer and the poor got to hear meaningless essays: Akhilesh Yadav – अखिलेश यादव का हमला- प्रधानमंत्री के संबोधन में मजदूरों-गरीबों को निरर्थक निबंध सुनने को मिला

अखिलेश यादव का हमला- प्रधानमंत्री के संबोधन में मजदूरों-गरीबों को निरर्थक निबंध सुनने को मिला

आर्थिक पैकेज को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • घोषित 20 लाख करोड़ रूपये के आर्थिक पैकेज पर तंज कसा
  • संकट के समय में भी ग़रीबों की अनदेखी करना अमानवीय है
  • यह ‘सबका विश्वास’ के नारे के साथ विश्वासघात है.

लखनऊ:

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के मंगलवार रात दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधन में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज पर तंज कसा. अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि देश के मज़दूर-ग़रीब अपनी ‘विपदाओं के लिए प्रबंध की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उन्हें निरर्थक निबंध सुनने को मिला.’ अखिलेश ने ट्वीट किया, ‘देश के मज़दूर-ग़रीब अपनी विपदाओं के लिए प्रबंध की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उन्हें सुनने को मिला केवल निरर्थक निबंध. क्या आधे घंटे से भी ज़्यादा समय में सड़कों पर भटकते मज़दूरों के लिए एक-आध शब्द की संवेदना की भी गुंजाइश नहीं थी. हर कोई सोचे. असंवेदनशील-दुर्भाग्यपूर्ण.’ उन्होंने कहा, ‘अब लोग ये नहीं पूछ रहे हैं कि 20 लाख करोड़ रुपये में कितने ज़ीरो होते हैं बल्कि ये पूछ रहे हैं उसमें कितनी गोल-गोल गोली होती हैं.’ 

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अखिलेश ने कहा कि ये सच है कि बुनियाद कभी दिखती नहीं पर ऐसा भी नहीं कि उसे देखना भी नहीं चाहिए. उन्होंने कहा, ‘जिन ग़रीबों के भरोसे की नींव पर आज सत्ता का इतना बड़ा महल खड़ा हुआ है, ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद, संकट के समय में भी उन ग़रीबों की अनदेखी करना अमानवीय है. यह ‘सबका विश्वास’ के नारे के साथ विश्वासघात है.’ सपा अध्यक्ष ने कहा, ‘पहले 15 लाख रुपये का झूठा वादा और अब 20 लाख करोड़ का दावा. अबकी बार लगभग 133 करोड़ लोगों को 133 गुना बड़े जुमले की मार.. ऐ बाबू कोई भला कैसे करे एतबार…’

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)




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