India expresses concern over Myanmar issue, says democracy must be upheld| Myanmar में तख्तापलट पर India ने जताई चिंता, US ने कहा, ‘गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया तो गंभीर होंगे परिणाम’

नेपीडॉ: म्‍यांमार (Myanmar) में सेना द्वारा किए गए तख्तापलट पर भारत (India) सहित दुनिया के कई देशों ने चिंता जताई है. सेना ने सोमवार सुबह राष्ट्रपति विन म्यिंट (Win Myint), प्रमुख नेता आंग सांग सू की (Aung San Suu Kyi) सहित सत्तारूढ़ पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि म्‍यांमार की घटना चिंताजनक है. 

सेना ने Emergency लगाई 

म्‍यांमार (Myanmar) के ताजा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत ने कहा कि हमने हमेशा ही म्‍यांमार में लोकतांत्रिक बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है. हम घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी. वहीं, स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सेना ने देश में एक साल के लिए आपातकाल घोषित करते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति की नियुक्ति कर दी है. 

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Jo Biden रखे हुए हैं नजर 

उधर, तख्‍तापलट और नोबेल पुरस्‍कार विजेता आंग सांग सू-की को गिरफ्तार किए जाने पर अमेरिका ने कड़ी नाराजगी जताई है. US ने चेतावनी दी कि यदि म्‍यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विपरीत कार्य किया और गिरफ्तार नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया तो उसे गंभीर परिमाण भुगतने होंगे. राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) इस पूरे मामले पर करीब से नजर रखे हुए हैं.  

‘लोक‍तांत्रिक ताकतों को समर्थन जारी रहेगा’

अमेरिकी राष्‍ट्रपति कार्यालय की प्रवक्‍ता जेन पास्‍की ने कहा कि अमेरिका म्‍यांमार में तख्तापलट की खबरों से चिंतित है. हम म्‍यांमार की लोक‍तांत्रिक ताकतों को समर्थन देते रहेंगे और सेना से अपील करेंगे कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए. उन्होंने आगे कहा की अमेरिका चुनाव परिणाम को बदलने या लोकतांत्रिक बदलाव में बाधा डालने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है. यदि सेना ने तुरंत गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. 

काम नहीं कर रहीं Phone Lines

सैन्य कार्रवाई के बीच सोमवार सुबह से ही राजधानी नेपीडॉ में फोन लाइन काम नहीं कर रही हैं. इसके अलावा, मीडिया संगठनों को भी ब्रॉडकास्ट में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि सेना और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था. नोबेल शांति पुरस्‍कार विजेता आंग सांग सू-की की पार्टी को चुनाव में जबरदस्त जीत मिली थी, जिसके बाद से ही सेना और सरकार में टकराव शुरू हो गया था. आज से देश की संसद शुरू होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही सेना ने तख्तापलट कर दिया.

 




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