नई दिल्ली,ब्यूरो। नाम बदलने में महारथ हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब खुद घिरती नजर आ रही है। विपक्षी दलों के संयुक्त गठबंधन द्वारा I.N.D.I.A alliance नाम रखने के बाद नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने कई जगहों पर देश का नाम इंडिया की जगह भारत कर दिया है। अब आधिकारिक तौर पर भी देश का नाम भारत करने की तैयारी चल रही है। इस बीच, विपक्षी गठबंधन भी पीछे नहीं रहा। उसने आज हो रही बैठक में नया नारा दिया है— ‘जुड़ेगा भारत जीतेगा इंडिया’। (Judega Bharat Jeetega India) इसके बाद से अब भाजपा के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। I.N.D.I.A alliance की समन्वय समिति की बैठक आज हो रही है। शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि इस बैठक में TMC को छोड़कर सभी मीटिंग में आएंगे। आपको बता दें कि मुंबई की ग्रैंड हयात होटल में 31 अगस्त और 1 सितंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी। इसमें 28 पार्टियों के नेता शामिल हुए थे। गौरतलब है कि मुंबई में 31 अगस्त और 1 सितंबर को विपक्षी गठबंधन की तीसरी बैठक हुई थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और बिहार के CM नीतीश कुमार ने 28 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में कोऑर्डिनेशन और कैंपेन समेत 5 कमेटियां बनाई गईं। अब इसके बाद आज बुधवार को गठबंधन I.N.D.I.A की आज नई दिल्ली में कोऑर्डिनेशन कमेटी की पहली बैठक होगी। इस कमेटी में 14 मेंबर्स हैं और एक सदस्य को छोड़कर सभी मीटिंग में आएंगे। कमेटी के सदस्य और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, आज हम सब बैठक में जाएंगे। मुंबई बैठक में तय किए गए एजेंडे पर चर्चा की जाएगी। TMC को छोड़कर सभी लोग बैठक में शामिल होने वाले हैं। राउत से सवाल उठाते हुए कहा कि TMC नेता अभिषेक बनर्जी इस समिति के सदस्य हैं, वह इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, क्योंकि ED और BJP नहीं चाहती कि वह शामिल हों। बताया जा रहा है कि यह बैठक NCP सुप्रीमो शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर होगी। इसमें सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों के नाम तय करने जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है। कमेटी मेंबर्स ने एजेंडा तैयार किया है, जिसे मीटिंग में अंतिम रूप दिया जाएगा। मीटिंग में संयुक्त रैलियों, साझा प्रचार व सोशल मीडिया स्ट्रैटजी पर फैसला होना है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव और प्रचार का रोडमैप बनाने के लिए राज्यों को 4 कैटेगरी में बांटा गया है। पहली और सबसे अहम कैटेगरी में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल किए गए हैं।


