नई दिल्ली। भारत के एविएशन सेक्टर में स्वदेशी निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि आने वाले दो वर्षों के भीतर भारत में निर्मित पहला स्वदेशी नागरिक यात्री विमान तैयार हो सकता है।नई दिल्ली में आयोजित इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (IFQM) के सिम्पोजियम में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि यह विमान एक ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से बनाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर से जुड़ी कंपनियों या परियोजना का विस्तृत खुलासा नहीं किया।मंत्री के मुताबिक भारत में विमान निर्माण के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना होगा। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री, कुशल मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।उन्होंने बताया कि भारतीय एयरलाइंस के पास वर्तमान में 1,600 से अधिक विमानों के ऑर्डर हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 100 अरब डॉलर है। देश में अभी लगभग 165 एयरपोर्ट हैं और घरेलू एयरलाइंस के बेड़े में करीब 850 विमान शामिल हैं। आने वाले वर्षों में 100 से अधिक नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की भी योजना बताई गई है।नायडू ने यह भी कहा कि भारत में विमान के कलपुर्जों और सेवाओं की सप्लाई बढ़ रही है। बोइंग और एयरबस वर्तमान में भारत से करीब 4 अरब डॉलर के कंपोनेंट्स और सेवाएं लेते हैं, जिसे दशक के अंत तक 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया है।उन्होंने भारत में जेट इंजन निर्माण की संभावनाओं पर भी काम करने की बात कही, हालांकि इसके लिए लंबा समय लगने की बात कही गई है।


