Inflammatory Bowel Disease: Inflammatory Bowel Disease: सिर्फ बवासीर नहीं, इस बीमारी में भी आ सकता है मोशन में ब्लड – inflammatory bowel disease reason symptoms and treatment

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

Inflammatory Bowel Disease: सिर्फ बवासीर नहीं, इस बीमारी में भी आ सकता है मोशन में ब्लडइंफ्लामेट्री बाउल्ज डिसीज भी ऐसी ही एक बीमारी है, जिसके लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य लगते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंत और पेट के अंदरूनी कोमल भागों में सूजन आने की समस्या हो जाती है। जिस कारण पेट से जुड़ी बीमारियां लगातार रोगी को परेशान करती रहती हैं।

किस तरह की बीमारी है आईडीबी?

-Inflammatory bowel disease (IBD) को आप एक ऐसे टर्म के रूप में समझ सकते हैं, जो पेट के अंदरूनी हिस्सों में आई सूजन और अन्य समस्याओं को बताने के लिए उपयोग किया जाता है। आईबीडी हमारे पाचन तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है जो क्रॉनिक इंफ्लामेशन की वजह बन जाती है।

बीमारी के प्रकार

-इस बीमारी में हमारे पेट के अंदरूनी भागों में खासतौर से पाचन तंत्र में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है। आईबीडी कई प्रकार की होती है। इनमें एक है क्रहॉन्स डिजीज, इसमें डायजेस्टिव ट्रैक्ट पर सूजन आ जाती है।

-जबकि दूसरी है अल्सरेटिव कोलाइटिस, इस बीमारी में हमारी बड़ी आंत में सूजन आ जाती है, जो काफी गंभीर रूप में होती है और लंबे समय तक बनी रहती है।

बीमारी के लक्षण

-आईबीडी के लक्षणों के बारे में जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि ये शुरुआत में बहुत ही सामान्य रूप में सामने आते हैं और फिर धीरे-धीरे खतरनाक रूप ले लेते हैं।

-इस बीमारी के लक्षण मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करते हैं कि पाचन तंत्र के किस हिस्से में समस्या हो रही है। हालांकि इस बीमारी के कुछ आम लक्षणों में पेट दर्द, डायरिया, मल के साथ खून आना और बार-बार मितली जैसा अनुभव होना मुख्य रूप से शामिल हैं।

क्यों होती है यह समस्या?

-हमारे डायजेस्टिव ट्रैक्ट पर सूजन क्यों आती है? इस सवाल के जवाब में एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी वजह अभी किसी एक चीज को नहीं माना जा सकता है। लेकिन संभावना है कि बैक्टीरिया, वायरस और ऐंटिजेंस हमारे पाचन तंत्र और इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में सूजन के लिए बॉडी को ट्रिगर करते हों।

-वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स इस बीमारी के लिए आस-पास के माहौल, वंशानुगत कारण और जेनेटिक्स को भी जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि ये सभी वजह मिलकर भी शरीर में इस ऑटोइम्यून रेस्पॉन्स की वजह बन सकते है।

इलाज की बात

-हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईबीडी की वजह चाहे जो भी हो लेकिन शुद्ध भोजन और संतुलित जीवनशैली को अपनाकर हम इस बीमारी से काफी हद तक बच सकते हैं।

-जिन लोगों को इस तरह की समस्या हो या पहले रह चुकी हो उन्हें फास्ट फूड, डिब्बाबंद फूड और बहुत तला-भुना मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए। यह आदत आपकी बीमारी को अधिक गंभीर रूप दे सकती है।

-आप बीमारी के किस स्तर पर हैं और आपके लिए क्या करना सबसे अधिक लाभाकारी होगा, इस बात की जानकारी पूरे चेकअप के बाद ही आपके डॉक्टर आपको दे सकते हैं।


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here