international women’s health day: fitness guru and ayurveda doctor share 4 tips for women to beat anemia, weakness and tiredness – Women’s health: आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए 4 उपाय, किसी भी महिला को नहीं होगी थकान-कमजोरी, खून की कमी

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कुछ बीमारियों और समस्याओं का खतरा अधिक होता है। खून की कमी, पीरियड्स, प्रेगनेंसी से जुड़े विकार और सर्वाइकल कैंसर आदि ऐसी गंभीर समस्याएं हैं, जिनसे अधिकतर महिलाएं पीड़ित रहती हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, करीब 40 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी है यानी उन्हें एनीमिया है।

संगठन का डेटा बताता है कि हर साल 810 महिलाएं प्रेगनेंसी और चाइल्डबर्थ से जुड़े विकारों की वजह से मर जाती हैं। इतना ही नहीं, साल 2018 में सर्वाइकल कैंसर की वजह से 311000 महिलाओं की मौत हो गई थी। और भी कई छोटे-बड़े इशू है, जिनका महिलाएं रोजाना सामना करती हैं। मेडिकल में महिलाओं से जुड़े विकारों और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न तरह के इलाज और उपाय मौजूद हैं।

28 मई को इंटरनेशनल विमेंस हेल्थ डे (International Women’s Health Day) मनाया जाएगा। इस अवसर पर फिटनेस गुरु एंड होलिस्टिक एक्सपर्ट मिकी मेहता आपको कुछ आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं। यह ऐसे असरदार उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर कोई भी महिला अपने स्वास्थ्य को दुरुस्त रख सकती है।

हेल्दी रहने के लिए ऐसा हो महिलाओं का नाश्ता

सुबह सबसे पहले आपको गुड़ और दालचीनी के मिश्रण से बनी हर्बल चाय लेनी चाहिए। यह बेहतर इम्युनिटी के लिए जरूरी है। इसके बाद आपको ढेर सारे कच्चे फल जैसे कस्तूरी तरबूज, खरबूजा, अनार, नारियल पानी (गर्मियों के लिए) आदि का सेवन करना चाहिए। रात का खाना 6:30 बजे तक खा लें।

खाने की इन चीजों से बनाएं दूरी

अगर आपको हेल्दी एंड फिट रहना है, तो आपको प्रिजर्व, फ्लेवर्ड, आर्टिफीसियल, कलर्ड और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। यह चीजें इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती हैं और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

रोजाना योगासन करें

आप घर में रहती हों या काम पर जाती हों, आपको हेल्दी एंड एक्टिव रहने के लिए रोजाना योगासन करना चाहिए। आप भुजंगासन, भद्रासन, पवन मुक्तासन, नौकासन, बालासन, उष्ट्रासन आदि कर सकती हैं।

मेडिटेशन करें

घरेलू काम करने के साथ आसन जैसे भुजंगासन (कोबरा मुद्रा), भद्रासन (तितली मुद्रा), पवन मुक्तासन (हवा से राहत देने वाली मुद्रा), नौकासन (नाव मुद्रा), बालासन (बाल मुद्रा), उष्ट्रासन आदि करें। इसके अलावा आप रोजाना मेदितेष्ण भी कर सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


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