Jammu and Kashmir: Vaishno Devis yatra, closed since March, will resume from August 16 – जम्मू-कश्मीर : मार्च से बंद वैष्णो देवी की यात्रा 16 अगस्त से फिर शुरू होगी

जम्मू-कश्मीर : मार्च से बंद वैष्णो देवी की यात्रा 16 अगस्त से फिर शुरू होगी

वैष्णो देवी यात्रा 16 अगस्त से फिर शुरू होगी.

नई दिल्ली:

कोरोना महामारी के कहर से बचने के बंद पड़ी माता वैष्णो देवी की यात्रा अब 16 अगस्त से फिर शुरू हो जाएगी. जम्मू कश्मीर सरकार ने अनलाक-3 में बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर में पिछले पांच महीनों से बंद पड़े सभी धार्मिक स्थानों को 16 अगस्त से खोलने का फैसला किया है. 

यह भी पढ़ें

गौरतलब है कि कोरोना के चलते जम्मू कश्मीर के सभी धार्मिक स्थल 19 मार्च से बंद कर दिए गए थे. हालांकि सरकारी निर्देश में माता वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करने का कोई अलग से निर्देश नहीं दिया गया है. वैसे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 16 अगस्त से ही माता वैष्णो देवी की यात्रा श्रद्धालुओं की सीमित संख्या के साथ शुरू कर दी जाएगी. यात्रा का संचालन करने वाला श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड इसके लिये अलग से दिशा निर्देश जारी करेगा. कोरोना संक्रमण के चलते ही 18 मार्च के बाद से इस धार्मिक स्थल को भक्तों के लिए बंद कर दिया गया था. इस धार्मिक स्थल के बंद होने से स्थानीय लोगों के रोजगार पर जबरदस्त मार पड़ी. 

इस वर्ष 19 मार्च को यात्रा बंद होने तक करीब 12,40,000 श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने कहा कि राज्य प्रशासन ने 16 अगस्त से वैष्णो देवी के कपाट खोले जाने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन के आदेशों का अनुसरण करते हुए श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं के लिए वैष्णो देवी के कपाट खोलेगा.

इतना तय है कि जब यात्रा शुरू होगी तो शुरु में एहतियात श्राइन बोर्ड सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को भवन जाने की इजाजत देगा. संभवतः सबसे पहले दर्शन करने का मौका स्थानीय श्रद्धालुओं को मिल सकता है. इसको लेकर  श्राइन बोर्ड जल्द ही दिशा-निर्देश  जारी करेगा . इसमे माता वैष्णो देवी के सभी प्रवेश द्वारों पर सैनिटाइजेशन टनल का निर्माण करना , वैष्णो देवी भवन के साथ ही अर्द्धकुंवारी मंदिर और भैरव घाटी मंदिर में शारीरिक दूरी बनाए रखना, जगह-जगह थर्मल स्कैनर टीम की तैनाती शामिल है.


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here