Edited By Parul Rohatagi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
दिनभर में न जाने हमारा क्या-क्या खाने का मन करता है। कभी मीठा खाने का मन करता है तो कभी फ्रेंच फ्राइज। युवा तो रोज सॉफ्ट ड्रिंक भी पीते हैं और इस बात को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि इसका उनकी सेहत पर क्या असर पड़ता है।
क्रेविंग (कुछ खाने का मन करना) को कंट्रोल करना सबसे मुश्किल काम है और अगर आप वजन घटाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए तो ये काम बहुत ही ज्यादा कठिन होगा। ऐसे में हम आपके के लिए एक बहुत ही आसान-सा समाधान लेकर आए हैं जो आपकी जंक फूड खाने की क्रेविंग को कंट्रोल करने में मदद करेगी।
जी हां, अगर आप अपने जंक फूड खाने की क्रेविंग को किसी हेल्दी और पौष्टिक चीज से शांत कर लें तो इससे ज्यादा बढ़िया तो और कुछ हो ही नहीं सकता है। इसके लिए सबसे पहले तो आपको अपने दिमाग के रिसेप्टिव सेंसर्स को जंक फूड से नफरत करना सिखाना होगा।
अब हम आपको उस चीज का नाम बताते हैं जो फूड क्रेविंग को कंट्रोल करने में मदद करती है और भूख को भी शांत करती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करे
आपको यह सुनकर हैरानी होगी लेकिन काली किशमिश का सेवन करने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाया जा सकता है। दरअसल, काली किशमिश में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है जो एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करके और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। इसलिए अगर आप भी अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो आज से ही काली किशमिश का सेवन शुरू कर सकते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए किशमिश में कई सारे गुण पाए जाते हैं और काली किशमिश का सेवन भी आपको लाभदायक असर दिखा सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से बचाए रखने के लिए भी यह काफी फायदेमंद हो सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के अनुसार काली किशमिश में मैग्नीशियम की मात्रा पाई जाती है जो हड्डियों को कमजोर होने से बचाने का काम कर सकती है। वहीं, दूध के साथ इसका सेवन करने से आपको सकारात्मक रूप से इसका लाभ मिल सकता है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण कभी-कभी स्ट्रोक का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है लेकिन इससे बचे रहने के लिए आप ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रख सकते हैं। ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने के लिए हमारे शरीर को पर्याप्त रूप से पोटेशियम की मात्रा मिलनी चाहिए। वहीं, यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार काली किशमिश में भी पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है जिसका सेवन करने के कारण ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसलिए अगर आपके घर में भी कोई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है तो आप उसे काली किशमिश का सेवन करा सकते हैं।
कई प्रकार के पौष्टिक तत्वों और खासकर विटामिन बी की कमी के कारण बालों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती हैं। बाल झड़ने से लेकर बालों में डैंड्रफ और उनके कमजोर हो जाने के पीछे विटामिन और मिनरल्स की कमी ही सबसे बड़ी वजह होती है। जबकि काली किशमिश का सेवन करने वाले लोग इस समस्या से बचे रह सकते हैं। एक रिसर्च के अनुसार, बालों को झड़ने से बचाए रखने के लिए आपके शरीर में आयरन और विटामिन सी की भी पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए जो काली किशमिश में भी मौजूद होती है। इसलिए काली किशमिश और दूध का नियमित रूप से किया गया सेवन आपको बालों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से बचाए रख सकता है।
कोलेस्ट्रोल के लेवल में अगर असंतुलन हो जाए तो यह कई प्रकार के हृदय रोगों का खतरा बन जाता है लेकिन इससे बचे रहने के लिए आपको अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कई रिसर्च रिपोर्ट में यह दावा किया जा चुका है कि काली किशमिश में ऐसे औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिसका सेवन करने के कारण खराब कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं, यह खून में मौजूद फैट को भी कम करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित बनाए रखने के लिए आप भी काली किशमिश का सेवन कर सकते हैं।
हमारी रोज की दिनचर्या में ऐसा कोई ना कोई खाद्य पदार्थों जरूर खाने में इस्तेमाल होता है जो हमारी त्वचा के लिए लाभदायक होता है। काली किशमिश में एंटीऑक्सीडेंट गुण और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने का गुण पाया जाता है। एंटी ऑक्सीडेंट गुण त्वचा को निखारने का काम करता है तो वहीं, बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने का गुण हमारी त्वचा को कई सारे इंफेक्शन से बचाए रखने के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। इस कारण त्वचा संबंधित कई प्रकार की बीमारियों से बचे रहने के लिए आप नियमित रूप से दूध के साथ काली किशमिश का सेवन कर सकते हैं।
खून की कमी को एनीमिया के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी ज्यादातर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होती है। शरीर में अगर खून की कमी ज्यादा हो जाए तो यह कई प्रकार के रोगों का मुख्य कारण बन सकता है। वहीं काली किशमिश में आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। आयरन एक ऐसा मिनरल है जो शरीर में खून बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है। इसलिए काली किशमिश को आयरन के स्रोत खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल करके आप खून की कमी से बचे रह सकते हैं।
किशमिश
मेंटल हैल्थ के विशेषज्ञ डॉ. लेस्ली कॉर्न के अनुसार, सिर्फ एक किशमिश रोज खाने से भी आप अपनी क्रेविंग को शांत कर सकते हैं। ये सबसे आसान और असरकारी तरीका है और इससे आपके वजन घटाने के रूटीन पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
अगर आप किशमिश से अपनी जंक फूड की क्रेविंग को शांत करना चाहते हैं तो किशमिश को धीरे-धीरे खाएं। इस एक्सरसाइज में पाचं मिनट का समय लगेगा और आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।
कैसे करती है काम
धीरे-धीरे किशमिश खाने से शरीर माइंडफुल ईटिंग पर ध्यान देता है और आपको अपने शरीर की जरूरत समझ आती है, वो भी बिना कुछ अनहेल्दी खाए। ये आपको अपने डायट्री जरूरतों के साथ भी तालमेल बैठाने में मदद करता है।
किशमिश और सूखे अंगूरों में ऐसे केमिकल होते हैं जो क्रेविंग को कम करने की क्षमता रखते हैं। किशमिश खाने पर शरीर में केमिकल रिएक्शन शुरू होता है जो कि सांस को धीमा कर देता है।
शादीशुदा पुरुषों के लिए कैसे फायदेमंद है दूध और किशमिश
पुरुषों की रोमांटिक लाइफ को मेंटेन करने के लिए दूध पीने की सलाह तो आम तौर पर दी जाती है लेकिन अगर बात की जाए किशमिश के सेवन की तो यह भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार किशमिश में मेल फर्टिलिटी को इंप्रूव करने का गुण मौजूद होता है। वहीं, इसमें स्पर्म मोटेलिटी को भी बढ़ाने की क्रिया सक्रिय रूप से पाई जाती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि इसका केवल शादीशुदा पुरुष ही सेवन करते हों बल्कि इसे युवा वर्ग भी अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता है। इसके अलावा किशमिश और दूध से होने वाले कुछ खास फायदों को अगली स्लाइड्स में बताया जा रहा है।
आंखों के स्वस्थ रहने पर ही हम सभी चीजों को अच्छी तरह से देख पाते हैं और चश्मे की जरूरत से भी बचे रहते हैं। हालांकि इनका खास ख्याल रखने के लिए हमें अपने खान-पान के प्रति ज्यादा सचेत रहना चाहिए। किशमिश और दूध का सेवन एक साथ करने से आंखों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। दरअसल, किशमिश में पॉलीफेनोलिक फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है जो एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करते हुए आंखों में होने वाली समस्याओं से उन्हें सुरक्षित रखता है। वहीं, किशमिश में मौजूद विटामिन ए भी आंखों के लिए लाभदायक होता है।
कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचने के लिए भी किशमिश और दूध का सेवन किया जा सकता है और इससे सुरक्षित बने रहने में काफी मदद मिल सकती है। दरअसल, किशमिश में कैटेचिन एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा पाई जाती है जो फ्री रेडिकल डैमेज से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। फ्री रेडिकल डैमेज आगे चलकर किसी भी कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए कैंसर से बचे रहने के लिए आप किशमिश और दूध का सेवन कर सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। कई लोगों को यह स्वास्थ्य समस्या होती है जिसके कारण उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दूध और किशमिश दोनों में सोडियम की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचे रहने में काफी मदद मिलती है और इसके कारण होने वाले जोखिम के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए अगर आप भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसका सेवन कर सकते हैं। यह भी पढ़ें : पौष्टिकता से भरपूर हैं ये बेहतरीन 25 फूड्स
पाचन क्रिया को सक्रिय बनाए रखने के कारण ही आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकते हैं। आप जो भी खाना खाते हैं उसे पचाना भी बहुत जरूरी है और इसके लिए आपके शरीर में फाइबर की भी पर्याप्त मात्रा जरूर पहुंचनी चाहिए। वहीं, बात की जाए किशमिश और दूध के सेवन की तो यह ड्रिंक आपके लिए काफी लाभदायक हो सकती है। दरअसल, किशमिश में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को एक्टिव रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती है। इसलिए आप इसका सेवन करके अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रख सकते हैं।
दूध और किशमिश का सेवन एक साथ करने से यह हड्डियों को भी काफी मजबूती प्रदान कर सकता है। यह तो हम सभी जानते हैं कि दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। वहीं, बात की जाए अगर किशमिश की तो इसमें भी कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह पोषक तत्व हड्डियों को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें मजबूती प्रदान करने में भी मदद कर सकते हैं। इसलिए अगर आप भी अपनी हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो किशमिश और दूध का सेवन कर सकते हैं।
दांतों से जुड़ी समस्याओं के लिए अक्सर हमें डेंटिस्ट की सलाह लेनी पड़ती है लेकिन अगर हम कुछ बातों पर ध्यान दें तो शायद हमें डेंटिस्ट के पास जाने की जरूरत ना पड़े। दूध और किशमिश का सेवन करने से भी आप दांतों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से बचे रह सकते हैं। दरअसल, दूध में कैल्शियम और किशमिश में ओलिएनोलिक एसिड (Oleanolic Acid) की मात्रा पाई जाती है जो दांतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होती है। दांतों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दूध और किशमिश का सेवन करके आप इसका फायदा देख सकते हैं।यह भी पढ़ें : Yoga For Sleep : रात में सोने से पहले करें ये योगासन, बस 15 मिनट में आएगी बढ़िया नींद
वहीं इसमें शक्तिशाली न्यूरोट्रांस्मीटर भी होते हैं जो भूख को संतुलित रख सकते हैं और पाचन को धीमा कर स्ट्रेस पर असर करते हैं। ये कई चीजों की क्रेविंग के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
क्या करें
अगर आप अपनी क्रेविंग को शांत करना चाहते हैं तो किशमिश धीरे-धीरे और बहुत ध्यान से खाएं। इस दौरान अपने शरीर द्वारा दी जा रही प्रतिक्रियाओं पर ध्यान दें। इस तरह आप अपने शरीर की जरूरतों को जान पाएंगे और किशमिश को सिर्फ चबाने की बजाय उसका पूरा आनंद ले पाएंगे।
वेट लॉस के स्नैक के तौर पर भी आप किशमिश का सेवन कर सकते हैं। इनमें प्राकृतिक रूप से शुगर और विटामिन होते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल कर सकते हैं जिससे आगे चलकर वजन घटाने में मदद मिलती है। किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर खाने से सबसे ज्यादा लाभ मिलते हैं।
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