Kamalnath Cast : कमल नाथ खुद की जाति नहीं बताते, लेकिन उन्हें दूसरों की जनगणना करवानी है

What is the caste of Kamal Nath?
What is the caste of Kamal Nath?

कांग्रेस की जातिगत जनगणना के मुद्दे पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया पलटवार

  • उनकी मोहब्बत की दुकान नहीं, कसाईखाना की दुकान वाली मानसिकता है
  • लास्ट में फास्ट होने के चक्कर में खेल रहे कास्ट का गेम, यही उनकी मानसिकता को ब्लास्ट करेगा

भोपाल। कमल नाथ खुद की जाति नहीं बताते, लेकिन उन्हें मध्य प्रदेश में जातिगत जनगणना करवाना है। शहडोल में हुई सभा में खुद सभी सिंह-सिंह आगे बैठे थे, लेकिन बातें पिछड़ों की करते हैं। यह कटाक्ष मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर लगाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कमल नाथ, पिछड़ों की बात कर रहे हैं, लेकिन खुद भाई बता नहीं पा रहे हैं कि खुद की जाति कौन सी है? कांग्रेस हिन्दुओं के अंदर जातिगत विभाजन करवाना चाहती है। लास्ट में फास्ट होने के चक्कर में कास्ट का गेम खेल रही है, यही उनकी मानसिकता को ब्लास्ट करेगा। डॉ. मिश्रा भाजपा के मीडिया सेंटर में बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
गहृमंत्री मिश्रा ने आगे कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हमास को लेकर एक शब्द भी नहीं बोला गया। यह जो उनकी मोहब्बत की दुकान है न इनकी वो कसाईखाना की दुकान की मानसिकता उजागर करता है। यही तुष्टिकरण कहलाता है। डॉ. नरोत्त मिश्रा ने ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ​तुष्टिकरण की राजनीति की है।
मिश्रा ने कहा कि कांगेस अब पिछले चुनाव के मुद्दों पर बात क्यों नहीं कर रही है। वे कोई वादा पूरा नहीं कर पाये थे, इसलिए इस बार वे जातिगत विभाजन की मानसिकता के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।


मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के पूर्वजों ने भी विभाजनकारी निर्णय लिये हैं। उनके पूर्वजों ने पहले विभाजन किया तो देश तोड़ दिया। फिर इसी मानसिकता ने फिर कश्मीर को काटा, फिर पंजाब को काटने की कोशिश की गई, अब जातियों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं। मध्य प्रदेश आकर वनवासी, आदिवासी पर सवाल उठा रहे हैं। इनके दिग्विजय सिंह भगवा पर सवाल उठाते हैं, तो इनके सलमान खुर्शीद बोको हरम से हिन्दु की तुलना करते हैं। यह कांग्रेस सिर्फ हिन्दुओं में विभाजन क्यों करना चाही है, बाकि धर्मों में यह बात क्यों नहीं करते।
शिवराज सिंह चौहान के श्राद्ध वाली पोस्ट के जवाब में नरोत्तम ने कहा कि जिन्हें सनातन की समझ नहीं है वो पितृपक्ष की बात करते हैं। हम तो अपने पुरखों का सम्मान करते हैं।

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