छतरपुर (मध्य प्रदेश): सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल अजय पार सरकार धाम में कपीश्वर पीठाधीश्वर मुकेश जी महाराज का आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने धाम की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और वहां जनसेवा (परमार्थ) के कार्यों में जुटे ‘बालक’ (संभवतः करन कुशवाहा अजय पार सरकार के मुख्य सेवादार) से मुलाकात कर उन्हें आशीर्वाद दिया।
सनातन धर्म की मर्यादा पर जोर
मीडिया से बातचीत करते हुए महाराज जी ने कहा कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से इस स्थान और यहां हो रहे परमार्थ कार्यों की सूचना मिली थी। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म की छवि को कोई ठेस न पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार का आर्थिक आडंबर नहीं होना चाहिए। भक्तों को अपनी स्वेच्छा से जो करना हो करें, लेकिन किसी से पैसे की मांग या दबाव नहीं होना चाहिए।
मार्गदर्शन के लिए नियुक्त किए दो सहायक
महाराज जी ने धाम की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित और शास्त्र सम्मत बनाने के लिए अपने आश्रम (श्री राम जानकी मंदिर, टीकमगढ़) से दो अनुभवी व्यक्तियों, प्रशांत मोदी जी और संतोष पाठक जी, को यहां नियुक्त किया है। ये दोनों अजय पाल सरकार धाम में रहकर कार्यों का मार्गदर्शन करेंगे।
वस्त्र और जीवनशैली में बदलाव का सुझाव
मुकेश जी महाराज ने बालक को सनातन परंपरा के अनुरूप अंगवस्त्र, कुर्ता और माला भेंट की। उन्होंने कहा कि अब से वे पेंट-शर्ट के बजाय पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा धारण करेंगे, तिलक लगाएंगे और हनुमान जी महाराज की परिक्रमा कर अपने परमार्थ के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। *मीडिया से अपील* महाराज जी ने मीडियाकर्मियों से भी आग्रह किया कि वे यहां होने वाले कार्यों की लाइव कवरेज करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे और समाज में धर्म के प्रति सही संदेश जाए।


