करीब 36 वर्षों बाद कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने अपनी जन्मभूमि कश्मीर लौटकर भावुक पल साझा किए। ‘प्रगाश हेरिटेज टूर’ पहल के तहत लौटे श्रद्धालुओं ने श्रीनगर के Ganpatyar Temple में पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई लोग अपने आंसू नहीं रोक सके और बीते दिनों की यादें ताजा हो गईं।
बताया गया कि समूह में शामिल कई कश्मीरी पंडित पिछले 36 सालों से घाटी से दूर रह रहे थे। गणपत्यार मंदिर और आश्रम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मातृभूमि से दोबारा जुड़ने की खुशी और वर्षों के बिछड़ने का दर्द साझा किया। यह दृश्य कश्मीर के इतिहास के एक संवेदनशील अध्याय और विस्थापन की पीड़ा को दर्शाता है।


