गोंड आदिवासियों ने अपने समाज में नया नियम बनाया है. (File)
गोंड समाज (Gond Samaj) ने अब शादी में किसी तरह से शराब का सेवन नहीं करने का फैसला लिया है. साथ ही ज्यादा दहेज नहीं दिया जाएगा.
कवर्धा के गोंड समाज का निर्णय दूसरे समाज के लिए अनुकरणीय पहल लेकर आया है. समाज में सालों से चली आ रही बुराई को दूर करने के लिए गोंड समाज ने अभिनव पहल की है. इसमें समाज में व्यापात सालों से चली आ रही बुराई को दूर करने की कोशिश की गई है. शव को जलाने की जगह दफनाया जाएगा, क्योंकि लकड़ी की बचत होगी. पर्यावरण से जुड़ा समाज है. पर्यावरण की रक्षा करना दायित्य है.
गोंड समाज का बड़ा फैसला
समाज के महामंत्री सिद्दराम मेरावी ने बताया कि समाज में व्याप्त कुप्रथा को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. इसमें प्रमुख रूप से समाज में धर्मांतरण नहीं होना है. नशा मुक्त समाज की पहल, अंतरजातीय विवाह नहीं होगा, होगा तो समाज से अनुमित लेना होगा. समाज के लोग एक होकर इस निर्णय को अमलीजामा पहनाया है.ये भी पढ़ें: सीएम मनोहर लाल खट्टर बोले- वापस नहीं होगा कृषि कानून, नुकसान करेगी किसानों की जिद्द
अति पिछड़ा मानें जाने वाले गोंड समाज आज दूसरे समाज के लिए अनुकरणीय है जो उन्हें दूसरे समाज से अलग करती है. बुराइयों को दूर करने की कोशिश की गई है.