Kodak to make medicinal ingredients on large-scale | कोडेक को अमेरिका ने दिया 765 मिलियन डॉलर का लोन, कैमरे नहीं दवाइयां बनाएगी कंपनी

नई दिल्ली: कैमरे और शूटिंग उपकरण बनाने के लिए मशहूर कंपनी कोडेक अब मेडिसिन इंडस्ट्री के क्षेत्र में उतर रही है. अब लोगों के स्मार्टफोन्स में हाईटेक कैमरा टेक्नोलॉजी का इतना इस्तेमाल होने लगा कि कैमरा खरीदने वालों की तादाद काफी घट गई, सेल्स बहुत नीचे चली गई है, ऐसे में कोडेक ने दवाइयां बनाने का बिजनेस शुरू कर दिया है.

हाल ही में कोडेक को अमेरिकी सरकार से इस बदलाव को आसान बनाने के लिए पूरे 765 मिलियन डॉलर का लोन मिला. कंपनी अब कोरोना वायरस से निपटने वाली दवाइयों के बेसिक इंग्रेडिएंट्स (अवयव) बनाने के लिए तैयार है, खासतौर पर उसके लक्षणों को ठीक करने के लिए बनने वाली दवाईयां.

यूएस सरकार ने एक नीलामी में लोन का ऐलान करते हुए कहा कि इसके चलते मेडिकल सप्लाइज की जरूरतों के लिए हम विदेशों पर अपनी निर्भरता कम कर पाएंगे. ज्यादातर देश भारत और एशिया के कई देशों से दवाइयां लेते हैं. हालांकि अभी तक 100 फीसदी प्रभाव वाली दवा नहीं मिली है, यह एक हिट एंड ट्रायल प्रयास है.

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इस ऐलान का नतीजा ये हुआ कि कंपनी के शेयर 60 फीसदी तक बढ़ गए. कई फार्मा कंपनियां इन दिनों कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही हैं, बड़े स्तर पर परीक्षण अभी जारी हैं. जैसे रूस इसी अगस्त में अपनी वैक्सीन के बारे सार्वजनिक ऐलान कर सकता है, किसी भी देश से पहले.

कंपनी के एक्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन जिम कोंटीनेंजा ने ऐलान किया, ‘मुख्य फार्मास्युटिकल्स इंग्रेडिएंट्स बनाने के मामले में अमेरिका को और मजबूत करने के काम में हिस्सा बनने में कोडेक को गर्व है. हमें अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की जरूरत है.’ 

कोडेक फार्मास्युटिकल्स को लांच करने के बाद बड़े स्तर पर इं​ग्रेडिएंट्स का प्रोडक्शन शुरू करने में 3 से 4 साल की जरूरत होगी, ऐसा कंपनी के एक्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन का कहना है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता पीटर नवेरो के मुताबिक आत्मनिर्भरता के लिए, ‘अगर हम कुछ कोरोना महामारी से सीखें हैं, तो वो ये कि आवश्यक दवाइयों के लिए अमेरिका बुरी तरह से विदेशी सप्लाई चेन्स पर निर्भर हैं.’

जबकि अमेरिकी ने इस डील पर खुशी जताते हुए कहा कि, ‘ये अमेरिका के फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण डील्स में से एक है’, अमेरिकियों से भावुक कर देने के अंदाज में ट्रंप ने पूछा, ‘क्या आपको ये कंपनी याद है?’ और फिर कोडेक को ‘ए ग्रेट अमेरिकन कंपनी’ तक कह डाला.

इससे पहले एक और कैमरा बनाने वाली कंपनी फूजी फिल्म भी फार्मा सेक्टर में आ चुकी है. ये जापानी कंपनी तो कोरोना वैक्सीन के ट्रायल भी शुरू कर चुकी है, जो अभी चल रहे हैं. 1888 मे स्थापित हुई कंपनी कोडेक ‘द ईस्टमैन कोडेक कंपनी’ को जॉर्ज ईस्टमैन ने स्थापित किया था. अपने क्लासिक कैमरों की वजह से बहुत जल्द दुनियाभर के घर घर में कोडेक का नाम जाना पहचाना जाने लगा.

इंडस्ट्री डिजिटल की तरफ शिफ्ट होने से जो परेशानी आ रही हैं, वो 2 दशक से इससे जूझ रहे हैं. 2012 में कंंपनी ने दिवालिया घोषित करने की मांग की थी, इसने 4 साल पहले ड्रग इंग्रेडिएंट्स बनाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन इस महामारी के कहर बरपाने तक उन्होंने भी प्रोडक्शन को बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा था.

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