
हाल ही में बने कृषि संबंधी तीन कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है, और ढेरों किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए ही कड़ाके की सर्दी के बावजूद सड़कों पर आंदोलनरत हैं. सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को सड़कों से हटाने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र, पंजाब तथा हरियाणा की सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, और इस मुद्दे पर कमेटी बनाने की भी घोषणा की है. उधर, आंदोलनरत किसानों ने बुधवार को दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाला चिल्ला बॉर्डर बंद कर दिया है, लेकिन दिल्ली से नोएडा में प्रवेश का रास्ता खुला छोड़ दिया गया है. इस बीच, केंद्रीय कानूनों के खिलाफ आंदोलन में जुटे किसानों को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश की खाप पंचायतें भी खुलकर सामने आ गई हैं.
Here are the Live Updates for Farmers’ Protests:
ग्वालियर पहुंचे कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि ‘कृषि सुधार बिल जो आए हैं, वो किसान की हर समस्या का समाधान हैं. किसान आंदोलन में शामिल किसान संगठनों से बातचीत हो रही है, हम उसका समाधान निकालेंगे.’ उन्होंने कहा कि ‘विपक्ष इस आंदोलन को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें वो सफल नहीं होगा.’
कृषि कानूनों पर सरकार का अभियान
कृषि कानूनों पर अपनी बात पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने अभियान शुरू किया है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आज ग्वालियर में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे. स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज दोपहर एक बजे इंदौर में किसान सम्मेलन में रहेंगे. देश भर के 700 जिलों में किसान सम्मेलन, चौपाल और प्रेस कांफ्रेंस होंगे. इनमें किसानों की आशंकाओं को दूर किया जाएगा और कृषि कानूनों के फायदे गिनाए जाएंगे.
किसानों का आंदोलन जारी है, कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा. इसी बीच आज सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को लेकर डाली गई याचिकाओं पर सुनवाई की. कोर्ट ने इस मुद्दे पर सरकार और किसानों के बीच समिति बनाकर समाधान निकालने का सुझाव दिया है. कोर्ट ने केंद्र, पंजाब और हरियाणा को नोटिस भी भेजा है, जिसपर कल तक जवाब मांगा है. कल मामले में फिर सुनवाई होगी.
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाला चिल्ला बार्डर बंद कर दिया है. इसके तहत किसानों ने नोएडा से दिल्ली आने वाला रास्ता बंद कर दिया है, लेकिन दिल्ली से नोएडा की ओर जाने का रास्ता खुला रखा गया है.
Source link

