एविडेंस के लिए साक्षियों को होना होगा ऑनलाइन हाजिर
भोपाल। लॉकडाउन के तीसरे चरण में आफिसों में काम शुरू हो गया है। हालांकि कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्तियों की अनुमति अभी वर्जित हैं। ऐसे में पेंडिंग के केस को निपटाने के लिए अब वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
राज्य मानवाधिकार आयोग में हजारों की संख्या में लंबित प्रकरणों पर अभी सुनवाई संभंव नहीं है लेकिन केस से जुड़े साक्ष्य व तामीली अब वीसी के माध्यम से की जाएगी। इस संबंध में आयोग के चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार सभी विभागों के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के एविडेंसों को वीसी के माध्यम से बुलाया जाएगा। जिससे बेंच की सुनवाई के दौरान सभी प्रकरणों पर फैसला किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन के तहत 30 प्रतिशत स्टाफ आफिस आना शुरू कर दिया है। अभी विभागीय कार्य को शुरू किया हुआ है। अब व्यवस्था बनाई जा रही है कि शिकायतों के जुड़े हुए तथ्य व प्रमाण वीसी के माध्यम के बुलाए जाएं। जिससे हजारों शिकायतों की पेंडेंसी खत्म हो।
सीएस, पीएस और डीजीपी ने नहीं दिया जवाब
कोरोना ड्यूटी में पुलिसकर्मियो के लिए क्या-प्रबंधन किए गए हैं। इस मामले की शिकायत पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (होम) और डीजीपी ने मानवाधिकार को अबतक जवाब नहीं दिया है। कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए आयोग ने भी अफसरों को रिमांइड नहीं भेजा है। बता दें कि कोरोना से दो पुलिस अधिकारियों की मौत के बाद पुलिस महकमे में कर्मचारियों के लिए क्या सुविधाएं हैं। इस संबंध में आयोग से शिकायत हुई थी। जिस पर आयोग ने सीएस, पीएस और डीजीपी को तलब किया था।


