आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इनमें प्रमुख नाम राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का है।राघव चड्ढा ने इस फैसले को पार्टी के “दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का विलय” बताते हुए कहा कि यह कदम सोच-समझकर उठाया गया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
इस घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी सही दिशा में काम कर रही होती, तो उसके वरिष्ठ नेता पार्टी नहीं छोड़ते।
अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को जरूर किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा होगा, तभी उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया।
गौरतलब है कि एक साथ सात राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पार्टी की संसदीय ताकत और राजनीतिक रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं, BJP के लिए इसे एक बड़ी राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।


