लखीसराय/पटना। बिहार के लखीसराय में आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा 2026 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों, फर्जी परीक्षार्थियों, मूल अभ्यर्थियों, सहयोगियों तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में डमी कैंडिडेट, फर्जी आधार कार्ड और परीक्षा केंद्रों में अवैध प्रवेश दिलाने वाले संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बायोमेट्रिक सत्यापन में हेरफेर कर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने का काम कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के तार बिहार के अलावा अन्य राज्यों तक खंगाल रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित सॉल्वर गैंग में झारखंड की दो मेधावी छात्राएं भी शामिल थीं। इनमें झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 12वीं बोर्ड परीक्षा की पूर्व स्टेट टॉपर Poonam Kumari तथा पलामू की Chanchal Kumari का नाम शामिल बताया जा रहा है। आरोप है कि पूनम कुमारी ने मधुप्रिया नामक अभ्यर्थी की जगह और चंचल कुमारी ने नंदनी राज की जगह परीक्षा दी थी।
पुलिस को जांच के दौरान फर्जी आधार कार्ड, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सामने आए इस फर्जीवाड़े ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।


