malaria treatment in ayurveda in hindi: world malaria day according to holistic nutritionist 5 ayurvedic herbs can treat malaria fever symptoms at home – World Malaria Day: बदन तोड़ने वाले मलेरिया बुखार से जल्दी राहत दे सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां

हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस या वर्ल्ड मलेरिया (World Malaria Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मच्छर द्वारा फैलने वाली इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस साल यानी 2022 में वर्ल्ड मलेरिया डे की थीम ‘Harness innovation to reduce the malaria disease burden and save lives’ है। इसका मतलब है ‘मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग’।

मलेरिया क्या है (What is Malaria)?दिल्ली स्थित करुणा हॉस्पिटल में पेडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर राजन सरीन के अनुसार, मलेरिया सबसे आम लेकिन गंभीर बीमारियों में से एक है। मलेरिया परजीवियों (Parasites) से फैलने वाली बीमारी है, जो मादा मच्छर एनोफिलीज (Anopheles) के काटने से किसी व्यक्ति को हो सकती है। मच्छर के काटने के बाद यह परजीवी आसानी से आपके खून में जा सकते हैं और आपको संक्रमित कर सकते हैं। ये परजीवी खून में जाने के बाद संक्रमण को लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) में फैला सकते हैं और 48 से 72 घंटों के इन्हें कई गुणा बढ़ा सकते हैं।

मलेरिया के लक्षण क्या हैं (Symptoms of Malaria)? मलेरिया के कुछ सामान्य लक्षणों में तेज बुखार और सिरदर्द, उल्टी, जी मिचलाना, पसीना आना, शरीर में ठंड लगना, कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण होने वाला एनीमिया, मल में खून आना आदि शामिल हो सकते हैं। यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो मलेरिया के अन्य गंभीर प्रभावों में किडनी फेल होना, लिवर फेल होना, एडिमा और ब्रेन में इन्फेक्शन शामिल हो सकते हैं।

मलेरिया का आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Remedies for Malaria)

Detoxpri की फाउंडर एंड होलिस्टिक नूट्रिशनिस्ट प्रियांशी भटनागर के अनुसार, मलेरिया के लिए मेडिकल में कई तरह के इलाज उपलब्ध हैं। हालांकि कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के जरिए भी मलेरिया के लक्षणों से निपटने में मदद मिल सकती है। आयुर्वेद की कुछ जड़ी-बूटियों में इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और उसे ताकतवर बनाने की क्षमता होती है। आयुर्वेद में कुछ उपाय हैं, जिनका इस्तेमाल करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर मलेरिया के बुखार के लक्षणों को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

मलेरिया का असरदार इलाज- हरा धनिया

धनिया के हरे पत्ते मलेरिया के लक्षणों को कम करने में सहायक हैं। मलेरिया के दौरान होने वाले बुखार और सर्दी को ठीक करने के लिए 10 ग्राम ताजा हरा धनिया 500 मिलीलीटर पानी में उबालें और फिर पत्तियों को छान लें। इस पानी को रोजाना पिएं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

मरेलिया का रामबाण उपाय- हरीतकी

हरीतकी हिमालय में उगाई जाती है। इसके मेडिकल गुण परजीवी को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। तीन ग्राम हरीतकी का चूर्ण एक गिलास गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करें।

मलेरिया का इलाज- सप्तपर्णा की छाल

इस पेड़ का यूज ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन में किया जाता है। आयुर्वेद में इसे सिरदर्द, इन्फ्लूएंजा, मलेरिया, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए बेहतर माना गया है। इसकी छाल और पत्तियों से विभिन्न अल्कलॉइड में सक्रिय तत्व होते हैं, जो इन बीमारियों को ठीक करने में मदद करते हैं। आप मलेरिया के लक्षाओं से राहत पाने के लिए इस पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

मलेरिया का घरेलू उपाय- गिलोय

गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स पैदा करने वाली बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। रोजाना 5-10 मिलीलीटर गिलोय का रस लेने से ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ जाती है, हीमोग्लोबिन बढ़ता है और आपके शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति मिलती है।

मलेरिया का इलाज करेगा-सोंठ या अदरक पाउडर

सोंठ या सूखे अदरक के पाउडर में जिंजरोल और हाइड्रोकार्बन जैसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो मलेरिया को ठीक करने के लिए बेहद फायदेमंद है। ये यौगिक इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं और लंबे समय तक चलने वाले बुखार से राहत देने में मदद करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।




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