Member of European Parliament demands sanctions on Pakistan, Turkey| पाकिस्तान और तुर्की के खिलाफ फ्रांस की यह मांग तोड़ देगी मुस्लिम देशों की कमर

ब्रुसेल्‍स: फ्रांस (France) और मुस्लिम देशों के बीच की खाई और चौड़ी हो सकती है. यूरोपीय संसद के फ्रांसीसी सदस्‍य जॉर्डन बर्डेला (Jordan Bardella) ने तुर्की (Turkey) और पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि आतंकवाद को पोषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का समय आ गया है. 

जाहिर की चिंता
आतंकवादी घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए बर्डेला ने कहा कि जो भी देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने तुर्की, पाकिस्तान, कुवैत और कतर के खिलाफ कठोर वित्‍तीय और व्‍यापारिक प्रतिबंध लगाने की मांग की. 

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हुए थे आतंकी हमले
जॉर्डन बर्डेला का यह बयान ऐसे समय आया है, जब फ्रासं और मुस्लिम देशों के बीच विवाद चरम पर है. पाकिस्तान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे झुकते हुए फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने का फैसला लिया है. साथ ही फ्रेंच उत्पादों के बहिष्कार का भी सरकार साथ देगी. बता दें कि पैगंबर मुहम्‍मद के विवादास्‍पद कैरिकेचर को लेकर फ्रांस को आतंकी हमलों का भी सामना करना पड़ा है. 

बंद करें सुविधाएं  
वहीं, यूरोपीय संसद के फ्रांसीसी सदस्‍य निकोलस बे (Nicolas Bay) ने भी यूरोपीय यूनियन (EU) से कहा है कि अंकारा और इस्‍लामाबाद को मिलने वालीं सब्सिडी और सीमा शुल्‍क जैसी सुविधाओं को बंद किया जाना चाहिए.  निकोलस ने दोनों देशों से होने वालीं सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद को पोषित करने वालों को सुविधाएं नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उन पर कड़े प्रतिबंध लगाये जाने चाहिए. 

तो क्या होगा?
यदि यूरोपीय यूनियन जॉर्डन बर्डेला और निकोलस बे की मांग मान लेती है, तो पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर पहुंच जायेगा. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत खराब है, उसे बार-बार चीन के सामने हाथ फैलाना पड़ रहा है. इसके अलावा, उस पर वैश्विक कर्जा भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में आर्थिक प्रतिबंध उसकी कमर तोड़ देंगे.

 




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