men getting more affected by corona infection: अपने ‘X’ क्रोमोसोम के कारण कोरोना पर भारी पड़ रही है महिलाओं की इम्युनिटी – female chromosome boost immunity biggest reason males are getting more affected by corona virus in hindi

हम अपनी खबरों के माध्यम से कई बार आपको इस बात की जानकारी दे चुके हैं कि कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण महिलाओं की तुलना में पुरुषों के लिए अधिक घातक साबित हो रहा है। शुरुआती स्तर पर इस अंतर की वजह मात्र मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन ही सामने आया था। लेकिन अब इस बारे में कुछ और नई जानकारियां सामने आई हैं। जिनमें क्रोमोसोम, एसीई-2 प्रोटीन और दैनिक जीवन से जुड़ी कुछ खास गतिविधियां शामिल हैं।

एसीई-2 रिसेप्टर्स का रोल
-कोरोना वायरस के संक्रमण और इसके मानवीय शरीर पर प्रभाव की दिशा में रिसर्च करनेवाले अलग-अलग टीमों के वैज्ञानिकों ने कई अलग-अलग ऐसे कारण ढूंढे हैं, जो पुरुषों के शरीर में महिलाओं के शरीर की तुलना से कहीं अधिक तेजी से कोरोना संक्रमण के फैलने की वजह बनते हैं।

-इन्हीं में से एक मुख्य कारण है एसीई-2 रिसेप्टर्स। दरअसल, ये रिसेप्टर्स एक खास तरह का प्रोटीन होते हैं। जिनको अपने नियंत्रण में लेने के बाद कोरोना वायरस तेजी से शरीर में फैलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों के शरीर में ये रिसेप्टर अधिक मात्रा में होते हैं।

महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले

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-इसके साथ ही एसीई-2 रिसेप्टर्स उन लोगों में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जिन्हें हार्ट की बीमारी या डायबीटीज होती है। यह एक बड़ी वजह है कि कोरोना की चपेट में हृदय रोग से पीड़ित और शुगर के रोगी अधिक संख्या में आ रहे हैं। यह शोध अप्रैल के महीने में फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुआ है।

क्रोमोसोम को लेकर ताजा जानकारी
-ज्यादातर लोग इस बात को जानते हैं कि महिलाओं के शरीर में XX क्रोमोसोम पाए जाते हैं और पुरुषों के शरीर में XY क्रोमोजोम पाए जाते हैं। ये क्रोमोजोम ही हमारे जेंडर का निर्धारण करते हैं। कोरोना को लेकर चल रही स्टडीज में हालही यह बात सामने आई है कि ये क्रोमोसोम इम्युनिटी को भी प्रभावित करते हैं।

-हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकने में XX क्रोमोसोम बहुत तेजी से ऐक्टिव होते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को क्रियाशील बनाने के साथ ही उसे अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक होते हैं।

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पुरुषों में कोरोना संक्रमण के कारण

हॉर्मोन्स की भूमिका
-जिन पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन की कमी होती है, उन्हें कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से अपनी गिरफ्त में ले लेता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यही हॉर्मोन शरीर में कोरोना वायरस का प्रवेश होने पर, संक्रमण के चलते फेफड़ों में और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन नहीं आने देता।

-यदि शरीर में इस हॉर्मोन की कमी होती है तो हमारा शरीर ऐंटिइंफ्लामेट्री रेस्पॉन्स नहीं दे पाता है और कोरोना संक्रमण शरीर में तेजी से फैलने लगता है। पुरुषों को कोरोना से बचाने के लिए यह हॉर्मोन उनके शरीर में कम से कम 70 प्रतिशत होना चाहिए।

-टेस्टोस्टेरॉन एक मेल हॉर्मोन है और पुरुषों की सेक्स लाइफ को नियंत्रित करता है। लेकिन यह हॉर्मोन महिलाओं में भी पाया जाता है। महिलाओं के शरीर में 60 प्रतिशत की मात्रा में होने पर भी टेस्टोस्टेरॉन शानदार तरीके से काम करता है और उनमें कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करता है।

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पुरुषों में कोरोना संक्रमण अधिक होने के कारण

अन्य गतिविधियां
-हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कुल आबादी की बात करें तो आज भी महिलाओं में धूम्रपान करना, एल्कोहॉल का सेवन करना और लेजी लाइफस्टाइल फॉलो करने जैसी गतिविधियां कम ही देखने को मिलती है। जबकि इसके ठीक उलट बड़ी संख्या में ऐसी ऐक्टिविटीज के साथ ही पुरुष अपना जीवन जीते हैं। इसका खतरनाक प्रभाव उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है, जो इस समय कोरोना काल में अधिक देखने को मिल रहा है।

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