
नई दिल्ली:
Rahul Gandhi on Farmers Issue : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए हमला किया. कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट में लिखा कि मोदी जी ने किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था. लेकिन सरकार किसान और खेतिहर का शोषण करने के लिए काले कानून बना रही है. दरअसल कांग्रेस पार्टी पहले की मोदी सरकार द्वारा कृषि और किसानी से जुड़े प्रस्तावित अध्यादेशों को लेकर हमलावर है.
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आपको बता दें कि जब से केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधारे के लिए अध्यादेश जारी किए हैं. तब से किसान इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. जुलाई महीने से ही किसानों में गुस्सा है. इसी फेहरिस्त में राहुल गांधी ने ट्वीट किया….
मोदी जी ने किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था।
लेकिन मोदी सरकार के ‘काले’ क़ानून किसान-खेतिहर मज़दूर का आर्थिक शोषण करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
ये ‘ज़मींदारी’ का नया रूप है और मोदी जी के कुछ ‘मित्र’ नए भारत के ‘ज़मींदार’ होंगे।
कृषि मंडी हटी, देश की खाद्य सुरक्षा मिटी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 17, 2020
इन अध्यादेशों के खिलाफ 10 सितंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज और पथराव हुआ. स्थिति ये हो गई कि हाइवे पर जाम लग गया. किसानों का कहना है कि नए अध्यादेश के चलते व्यापारी किसानों को फसल कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर करेंगे.
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इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट में छपी एक खबर के आंकड़ों को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि रोजगार लोगों का सम्मान है, आखिर सरकार कब तक रोजगार देने से पीछे हटेगी. उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘यही कारण है कि देश का युवा आज ‘राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस’ मनाने पर मजबूर है. रोज़गार सम्मान है. सरकार कब तक ये सम्मान देने से पीछे हटेगी?’
राहुल गांधी ने जिस खबर का हवाला दिया उसके मुताबिक, सरकारी पोर्टल पर नौकरियों के लिए एक करोड़ से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन सिर्फ 1.77 लाख नौकरियां ही उपलब्ध हैं.
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