यंगून: म्यांमार (Myanmar) में 10 साल पहले लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाई गई थी लेकिन देश में एक बार फिर सैन्य शासन लौट आया है. सोमवार के तख्तापलट के बाद बनी सैन्य सरकार पिछले साल के चुनावों में कथित धोखाधड़ी की जांच की योजना बना रही है. अचानक सामने आए घटनाक्रम के बीच देश की एक अदालत ने ‘आंग सान सू की’ (Aung San Suu Kyi) पर आयात और निर्यात कानून (Import and Export Law) तोड़ने के आरोप में कार्यवाही की है. म्यांमार की पूर्व सत्ताधारी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (National League for Democracy) के प्रवक्ता ने बुधवार को ये जानकारी साझा की.
14 दिन की रिमांड में आंग सान सू की
नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सूचना है कि दखिनाथिरी कोर्ट (Dakhinathiri court) ने आयात-निर्यात कानून तोड़ने के एवज में उनकी नेता ‘सू की’ को 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया है. इस दौरान वो 15 फरवरी तक नए शासन की गतिविधियों के दायरे में रहेंगी. NLD प्रवक्ता अपने अधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए लोगों से मुखातिब हुए. उन्होंने ये भी बताया कि प्रेसिडेंट विन मिंट (Win Myint) पर राष्ट्रीय आपदा कानून के तहत कार्यवाही हुई है.
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सेना की दमनात्मक कार्रवाई जारी: NLD
NLD नेताओं ने ये भी बताया कि Myanmar में तख्तापलट के फौरन बाद से ही पार्टी के देश भर के कई दफ्तरों में लगातार छापेमारी की जा रही है. नए शासनकाल में सरकारी अधिकारी बिना किसी वारंट के जबरन दाखिल होकर लैपटॉप समेत कई जरूरी दस्तावेज भी साथ ले जा रहे हैं.
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सरकार द्वारा संचालित ग्लोबल न्यू लाइट आफ म्यामांर ने कहा कि वरिष्ठ जनरल मिन आंग हालिंग ने राजधानी में अपनी नई सरकार की पहली बैठक में मंगलवार को आगामी कदमों की घोषणा की. सेना ने कहा था कि आंग सान सू ची की निर्वाचित नागरिक सरकार को हटाने का एक कारण यह था कि वह कथित व्यापक चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की ठीक से जांच करने में विफल रहीं.
म्यांमार सेना का ऐलान
आपको बता दें कि इसी दौरान म्यांमार की सेना ने ऐलान किया है कि वह एक साल के लिए आपातकाल की स्थिति के तहत सत्ता चलायेगी, और फिर चुनाव आयोजित करेगी जिसमें जीतने वाले नई सरकार का कार्यभार संभालेंगे.
अमेरिका ने जताई चिंता
वहीं अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि म्यामांर में निर्वाचित शासन प्रमुख आंग सान सू की को हटाने की कार्रवाई को सैन्य तख्तापलट करार दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग प्रवक्ता नेड प्राइस ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची सहित असैन्य सरकार के नेताओं को हिरासत में लिए जाने से चिंतित है. उन्होंने कहा, ‘सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद हमारा आकलन है कि निर्वाचित शासन प्रमुख को हटाने की एक फरवरी की बर्मा की सैन्य कार्रवाई, सैन्य तख्ता पलट के समान है.’
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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