नई दिल्ली: नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने जंगलों के बाहर उगने वाले पेड़ों के स्थान और आकार के मानचित्रण के लिए एक नई विधि का प्रदर्शन किया है. यह प्रदर्शन करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने सहारा रेगिस्तान (Sahara Desert) के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में करोड़ों पेड़ों की खोज की.
180 करोड़ से अधिक पेड़ों की गणना
नई तकनीक के अनुसार, नासा के वैज्ञानिकों ने शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर के साथ-साथ मशीन लर्निंग एल्गोरिदम की मदद ली. वैज्ञानिकों ने 1,300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 180 करोड़ से अधिक पेड़ों की गणना की. उन्होंने देखा कि किसी विशेष क्षेत्र में भूमि और वर्षा के आधार पर पेड़ की चोटी, कवरेज और घनत्व कैसे भिन्न होता है.
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नासा ने कुछ हफ्तों में पूरा किया अध्ययन
आम तौर पर, इस तरह के एक अध्ययन में महीनों, यहां तक कि साल भी लग सकते हैं. नासा ने इसे कुछ ही हफ्तों में कर लिया, क्योंकि नई तकनीक से वैज्ञानिकों ने हाई रेज्युलेशन वाली फोटोज को देखा और इसके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया. हालांकि, एआई को प्रशिक्षित करने में एक वर्ष से अधिक समय लगा.
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भविष्य में किया जाएगा विस्तार
नासा में पृथ्वी विज्ञान प्रभाग में एक वरिष्ठ जैव वैज्ञानिक कॉम्पटन टकर ने कहा, ‘भविष्य में अध्ययन किए गए क्षेत्रों का विस्तार करेंगे और उनकी कार्बन सामग्री की गणना करने के तरीके देखेंगे.’ वह कहते हैं कि, ‘नासा के मिशन पहले से ही ऐसे आंकड़े जमा कर रहे हैं जिनका उपयोग जंगलों की ऊंचाई और बायोमास को मापने के लिए किया जाएगा. इसमें ग्लोबल इकोसिस्टम डायनेमिक्स इन्वेस्टिगेशन मिशन, या GEDI, और ICESat-2, या आइस, क्लाउड और लैंड एलीवेशन सैटेलाइट -2 की तकनीक शामिल हैं.