यदि आप इनमें से किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं लेकिन नवरात्र के सभी व्रत करना चाहते हैं तो यहां खास आपके काम की कुछ बातें बताई जा रही हैं। इनका ध्यान रखते हुए आप नवरात्र के व्रत भी कर सकते हैं और पूरी तरह स्वस्थ भी रहेंगे।
भूख-प्यास बर्दाश्त ना करें
-व्रत के दौरान भूख और प्यास को बर्दाश्त ना करें। इससे आपके शरीर पर सामान्य लोगों की तुलना में अधिक नकारात्मक असर पड़ेगा। क्योंकि शुगर या बीपी जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों का शरीर सामान्य लोगों की तुलना में कमजोर होता है।
व्रत के दौरान भूखे और प्यासे ना रहें
दिमाग को मिलते हैं गलत सिग्नल
-कई बार काफी समय तक भूखा रहने के दौरान यदि आप किचन में काम करते हैं या व्रत के लिए फलाहार तैयार करते हैं, तो खाने की खुशबू से ही पेट भरने का अहसास होने लगता है।
-ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लगातार मिल रही भोजन की खुशबू से दिमाग को यह सिग्नल मिलता है कि आपने भोजन कर लिया है। इस कारण आपका मस्तिष्क आपके पाचनतंत्र को भोजन पचाने के लिए जरूरी एसिड बनाने का सिग्नल दे देता है।
-इस कारण खाली पेट एसिड बनने से पेट में गर्मी और सीने पर जलन की समस्या हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि व्रत के दौरान लंबे समय तक भूखे ना रहें। बल्कि फल, मेवे या दूध इत्यादि बीच-बीच में लेते रहें।
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भूखे रहने पर इसलिए बनता है पेट में एसिड
लिवर और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए
-व्रत के दौरान अपने लिवर और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी लेते रहें। यदि खाली पेट पानी पीने के कारण बार-बार यूरिन जाने की समस्या हो रही हो तो आप कभी जूस, कभी दूध और लस्सी इत्यादि का सेवन कर सकते हैं। लेकिन लिक्विड डायट जरूर लेते रहें।
-इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। जिन लोगों का लिवर कमजोर होता है या किडनी में किसी तरह की दिक्कत होती है, उन्हें हर घंटे आधा से एक गिलास पानी पीना चाहिए। ऐसा करने से आपका शरीर हाइड्रेट रहता है और लिवर तथा किडनी की सफाई होती रहती है।
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लिवर को स्वस्थ रखने का तरीका
आप खाएं ऐसा खाना
-लंबी बीमारी से जूझ रहे लोगों को व्रत के दौरान भोजन कोकोनट वर्जिन ऑइल में बनाना चाहिए। क्योंकि यह बहुत ही लाइट और सुपाच्य होता है। गैर जरूरी फैट को शरीर में जमा नहीं होने देता है। इसलिए पाचनतंत्र पर इस तेल में बने भोजन को पकाने के दौरान बहुत अधिक दबाव नहीं पड़ता है।
-व्रत का भोजन करते समय एक टाइम पर एक ही भोज्य पदार्थ का सेवन करें। जैसे यदि आप कुट्टू के आटे से बना भोजन खा रहे हैं तो साथ में सिर्फ दही या सब्जी लें। चौलाई, सिंघाड़ा और फ्रूट्स इत्यादि ना खाएं। क्योंकि आप जितनी तरह का भोजन खाते हैं, उसे पचाने के लिए आपके लिवर को उतनी ही तरह के एंजाइम्स का उत्पादन करना होता है। इससे उन लोगों को पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है, जिनका लिवर कमजोर है।
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