Nepal India Border Dispute Now Claiming These Areas of India | सीमा विवाद: चीन के इशारे पर नेपाल, भारत के खिलाफ अब ऐसे रच रहा बड़ी साजिश

काठमांडू: नेपाल बीते कुछ समय से अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. बीते दिनों जहां नेपाल सरकार ने नया मैप जारी कर भारत के कुछ हिस्सों पर दावा ठोका था, वहीं अब नेपाली रेडियो (FM) स्टेशन लगातार भारत (India-Nepal Borser Dispute) के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. नेपाल की ओली सरकार एक बड़ी साजिश के तहत भारत विरोधी गतिविधियों को हवा दे रही है.

नेपाली रेडियो स्टेशन पर भारत के खिलाफ प्रचार के बीच सोशल मीडिया पर भी दोनों देशों के लोगों को भड़काने के इरादे से कई वीडियो वायरल किये जा रहे हैं. इनमें से ज्यादातर वीडियो में गाने और संगीत के जरिये कालापानी, लिपुलेख समेत कई इलाकों पर अपना दावा कर रहा है.

भारत और नेपाल सीमा पर स्थित काली नदी दोनों देशों के सीमाओं को बांटती है. नेपाल ने भारत से सटते सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. धारचुला से कुछ किलोमीटर की दूरी पर लिपुलेख है, जो भारत और चीन सीमा को जोड़ती है.

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सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक काठमांडू में स्थित चीन की राजदूत  Hou Yanqi ने नेपाल को भारत के खिलाफ उकसाने में बड़ी भूमिका निभाई है. Hou Yanqi ने नेपाल के  प्रधानमंत्री ओली के अलावा नेपाल के कई बड़े नेताओं से मुलाकात कर उन पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करने को कहा था. नेपाल में राजदूत से पहले Hou Yanqi पाकिस्तान के चीनी दूतावास में तैनात थी. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान और चीन, नेपाल को उकसा कर भारत के खिलाफ एक और फ्रंट खोलने की साजिश में लगे हैं. जिससे भारत की मुश्किलें बढ़ सकें.

लेकिन भारत और नेपाल सीमा पर रहने वाले लोग नेपाल सरकार के इस रवैये से काफी नाराज हैं. नेपाल में स्थित दारचुला के लोग नेपाल सरकार से इस बात से भी नाराज दिखे कि चीन नेपाल के आतंरिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है और प्रधानमंत्री ओली चीन सरकार के कठपुतली बन चुके हैं.

नेपाल सरकार जहां चीन के उकसावे पर भारत के खिलाफ सीमा विवाद को हवा दे रही है, वहीं नेपाल में बढ़ते भ्रष्ट्राचार और कोरोना संक्रमण से निपटने में नाकाम के पी ओली सरकार के खिलाफ पूरे नेपाल में जबरदस्त प्रदर्शन किये जा रहे हैं. नेपाल की जनता ओली सरकार से इस बात से भी नाराज है कि भ्रष्ट्राचार मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए वो भारत के साथ सीमा विवाद कर रही है. 

भारत नेपाल से सटे नेपाल में स्थित दारचुला में ओली सरकार के खिलाफ जहां रविवार को प्रदर्शन किये गये. वहीं पिछले हफ्ते काठमांडू में भी हजारों की संख्या में छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर कोरोना वायरस महामारी की स्थिति से निपटने की अयोग्यता के लिए सरकार की आलोचना भी की थी.

भारत नेपाल सीमा पर स्थित दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबध हैं. सीमा पर स्थित इन इलाकों के लोग एक दूसरे से काफी घुले मिले हुए हैं लेकिन जब से नेपाल ने एक नया मैप जारी कर धारचुला के इलाकों पर अपना दावा ठोका है उससे स्थानीय लोग नेपाल सरकार से काफी नाराज हैं.

नेपाल ने जब से भारत के साथ सीमा विवाद शुरु किया है उसके बाद से  पहली बार नेपाल के सेना प्रमुख जनरल पूरन सिंह थापा ने कालापानी के पास के इलाके का दौरा किया. ऐसी जानकारी है कि इस दौरे के दौरान नेपाल ने दारचुला में भारत नेपाल सीमा पर छह नये बार्डर पोस्ट ,मलिंग,दारचुला,लेकम,लाली,मल्लिकार्जुन और जौलजीबी बनाये जाने का फैसला किया गया.

नेपाल के यूनिफाइड नेपाल नेशनल  फ्रंट (Unified Nepal National Front) के नेता Phanindra Nepal पिछले कुछ महीनों में लगातार काठमांडू में स्थित पाक दूतावास के साथ साथ चीन दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात की थी. जब भारत चीन के साथ लद्दाख को लेकर बातचीत कर रहा है उसी दौरान नेपाल का भारत के साथ सीमा विवाद को उठाना एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है.

आपको बता दें कि धारचुला के इसी इलाके से कैलाश मानसरोवर की यात्रा होती है. पिछले महीने ही बनकर तैयार हुई इस सड़क का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था. ये सड़क दिल्ली से सीधे चीन सीमा को जोड़ती है. सड़क बन जाने से भारतीय सेना युद्ध के दौरान रक्षा हथियारों को बिना देरी किये हुए सीमा तक पहुंचा सकती है. यही कारण है कि चीन इस सड़क के बनने से परेशान है.




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