New book examines role of Jinnah in history | गांधी और संघवाद पर क्या था जिन्ना का रुख, किताब में हुआ खुलासा

नई दिल्लीः पाकिस्तान (Pakistan) के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) के भारतीय राष्ट्रवादी से लेकर मुस्लिम कौम के पैरोकार और फिर पाकिस्तान के संस्थापक तक के सफर को समेटने वाली नई पुस्तक आई है. ‘जिन्ना: हिज सक्सेसेज, फेल्यर्स एंड रोल इन हिस्ट्री’ (Jinnah: His Successes, Failures and Role in History) नामक यह किताब स्वीडिश राजनीति वैज्ञानिक एवं पाकिस्तानी मूल के मशहूर लेखक इश्तियाक अहमद ने लिखी है.

लेखक ने पुस्तक में लिखा है, ‘यह असाधारण व्यक्ति, जन्मजात नेता मोहम्मद अली जिन्ना का अध्ययन है जिनकी भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास और राजनीति पर एक अमिट छाप है, यह छाप चाहे अच्छी हो या बुरी, यह इस परिप्रेक्ष्य पर निर्भर करता है कि आप किस परिप्रेक्ष्य में उनकी भूमिका देखते हैं.’

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प्रकाशक पेंग्विन हाउस के अनुसार समसामयिक रिकॉर्ड और अभिलेख सामग्रियों के माध्यम से इस पुस्तक में कई सवालों का जवाब दिया गया है जैसे, ‘हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर कैसे द्विराष्ट्र सिद्धांत के अडिग पैरोकार हो गए?’, ‘क्या जिन्ना ने पाकिस्तान की संकल्पना एक धार्मिक राज्य के रूप में की थी?’ या फिर ‘गांधी और संघवाद पर उनका रुख क्या था?’

प्रकाशक ने कहा, ‘भारत के विभाजन में भूमिका को लेकर जिन्ना की सराहना भी की गई है और आलोचना भी की गई है तथा उनकी मौत के बाद सात दशकों में उनके कार्यों को लेकर विवाद बस बढ़ते ही चले गए और अब भी बढ़ रहे हैं.’

पेंग्विन ने कहा, ‘इश्तियाक अहमद ने कायद-ए-आजम की सफलताओं और विफलताओं को तय करने के लिए जिन्ना के कृत्य और उनकी विरासत के मतलब और महत्व का गहन परीक्षण किया.’




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