अबुजा: कोरोना (CoronaVirus) महामारी ने पूरी दुनिया को बदल दिया है. लोगों की आदतें बदल गई हैं, कंपनियों का फोकस बदल गया है. नाइजीरिया की फैशन आइकन मानी जाने वाली कंपनी टिफनी एम्बर (Tiffany Amber) भी संकट के दौर में एक नई भूमिका में आ गई है.
फोल्के अकिंडेल कोकर (Folake Akindele Coker) ने 1998 में टिफनी एम्बर की स्थापना थी और जल्द ही यह कंपनी नाइजीरिया के सबसे प्रभावशाली फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांड्स में से एक बन गई. लेकिन जब कोरोना महामारी ने अफ्रीका में दस्तक दी, तो टिफनी एम्बर ने खुद को समय के अनुरूप ढालते हुए ‘फैशन’ को किनारे रखा और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कूद गई. कंपनी के सभी कारखानों में फिलहाल निजी सुरक्षा उपकरण (PPE) तैयार किये जा रहे हैं.
कंपनी की सिलाई मशीनें फैशन परिधानों को सिलने के बजाय अस्पताल के कर्मचारियों के कपड़े, गाउन, स्ट्रेचर शीट और गैर-मेडिकल फेस मास्क सिलने में लगी हैं. इस तरह का बदलाव करने के लिए कंपनी को पहले 90,000 गज कपड़ा, 300,000 गज इलास्टिक और लगभग 10 लाख गज धागा खरीदना पड़ा. कोकर ने कहा कि ऐसा नाइजीरिया सीमाओं के सील होने और सामग्री की मांग में अचानक हुए इजाफे के कारण दाम बढ़ने के ठीक पहले किया गया.
जून की शुरुआत में, टिफनी एम्बर ने लगभग 500,000 कपड़े के मास्क, चादर और तकियों के 20,000 सेट, 10,000 स्क्रब, 15,000 पेशेंट गाउन और 5,000 सर्जिकल गाउन तैयार किये थे. इसके लिए कंपनी को अपने कर्मचारियों की संख्या 100 से बढ़ाकर 300 करनी पड़ी. गौरतलब है कि नाइजीरिया में कोरोना वायरस के 30,000 से अधिक मामले सामने आए हैं.

